तेल संकट की अफवाह: मुजफ्फरनगर में डीजल के लिए पंपों पर लगी कतारें

मुजफ्फरनगर। खाड़ी देशों में जारी संघर्ष को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच ग्रामीण इलाकों में पेट्रोल और डीजल के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। किसान अपने ट्रैक्टर ट्रॉलियों और बड़े ड्रमों के साथ पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे हैं, जिससे डीजल की लंबी कतारें बन गई हैं।
विशेष रूप से रतनपुरी और आसपास के क्षेत्रों में किसान अपने खेतों की आगामी जुताई, सिंचाई, गेहूं की कटाई और गन्ने की बुआई के लिए बड़ी मात्रा में डीजल खरीद रहे हैं। फिलिंग स्टेशन के कर्मचारियों के अनुसार, कुछ किसान एक-एक बार में 1,000 से 2,000 लीटर तक डीजल ले जा रहे हैं। पेट्रोल की बिक्री में भी अप्रत्याशित वृद्धि देखी जा रही है।
कई पंपों पर लोग रात के समय भी डीजल और पेट्रोल लेने के लिए पहुंच रहे हैं। बुढ़ाना मोड, तितावी, अलीपुर खेड़ी, मुंडभर सहित अन्य गांवों के किसान देर रात तक कतारों में खड़े रहते हैं।
इस बीच, स्थानीय व्यवसायी भी चिंतित हैं। इंडस्ट्री एसोसिएशन और फेडरेशन ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अनुसार, यदि तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो इसका असर माल ढुलाई, उत्पादन लागत और तैयार माल की कीमतों पर पड़ेगा। एफसी मोघा ने कहा कि महंगाई बढ़ने से छोटे व्यवसायों के लिए लाभ बनाए रखना मुश्किल हो जाएगा।
फेडरेशन ऑफ मुजफ्फरनगर कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पूर्व अध्यक्ष अंकित संगल ने बताया कि तेल की कीमतों में वृद्धि सीधे आम जनता के बजट पर भी असर डालेगी। ईंधन महंगा होने से लॉजिस्टिक्स, माल ढुलाई और कच्चे माल की लागत बढ़ जाएगी, जिससे वस्तुओं की कीमतों में इजाफा होगा।
इस तरह, खाड़ी देशों में तनाव का असर अब रसोई और व्यवसाय दोनों तक महसूस होने लगा है, और आम आदमी और किसान दोनों को इसकी चिंता है।
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