महादेव सट्टा एप का मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर भारत लाया गया, सीबीआई ने किया गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- सौरभ चंद्राकर पर महादेव सट्टा एप के जरिए 94 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाने का आरोप है।
- भारत पहुंचते ही सीबीआई ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
- जांच एजेंसियों के मुताबिक, चंद्राकर ने दुबई में महादेव सट्टा एप का मुख्यालय बनाया था।
नई दिल्ली। महादेव ऑनलाइन बुक के नाम से सट्टा एप चलाने के मामले में मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। उस पर सट्टा एप के जरिए 94 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाने का आरोप है। भारत पहुंचते ही सीबीआई ने उसे गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को उसे रायपुर ले जाकर विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी से महादेव सट्टा एप से जुड़े अन्य आरोपियों और उन्हें कथित संरक्षण देने वाले राजनेताओं के बारे में अहम खुलासे होने की संभावना है। आरोप है कि एप संचालकों ने सरकारी संरक्षण हासिल करने के लिए 508 करोड़ रुपये दिए थे। इस पूरे मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई कर रही हैं।
दुबई के बाद ओमान में छिपकर रह रहा था चंद्राकर
ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर अपने परिवार और सहयोगियों के साथ 2022 में भिलाई से फरार होने के बाद दुबई में रहने लगा था। उसने वहीं से महादेव सट्टा एप का मुख्यालय संचालित किया। साल 2023 में जांच शुरू होने और एजेंसियों का दबाव बढ़ने के बाद वह ओमान चला गया। वहां उसने खुद को वानुअतु का नागरिक बताया।
हालांकि, भारतीय अदालत के गिरफ्तारी वारंट और इंटरपोल की रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर भारतीय जांच एजेंसियां उसे भारत का नागरिक साबित करने में सफल रहीं। अधिकारी ने बताया कि सभी सबूतों की जांच करने के बाद ओमान ने उसके प्रत्यर्पण का फैसला लिया।
रवि उप्पल और अन्य आरोपियों के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया जारी
सौरभ चंद्राकर के साथ वर्ष 2019 में महादेव सट्टा एप शुरू करने वाला सह-प्रमोटर रवि उप्पल फिलहाल दुबई में है। उसका प्रत्यर्पण कराने की प्रक्रिया अंतिम चरण में बताई जा रही है।
इसके अलावा चंद्राकर का सहयोगी अनिल अग्रवाल उर्फ अतुल अग्रवाल और पूरे कारोबार के वित्तीय लेन-देन की जिम्मेदारी संभालने वाला शुभम सोनी भी दुबई में मौजूद है। इन दोनों के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी चल रही है।
शुभम सोनी ने ईमेल में किया था 508 करोड़ रुपये देने का दावा
ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शुभम सोनी ने 2023 में एक ईमेल भेजकर दावा किया था कि महादेव सट्टा एप के संचालन के लिए अधिकारियों और राजनेताओं को करोड़ों रुपये बतौर संरक्षण राशि दिए गए थे।
इसी ईमेल में उसने आरोप लगाया था कि महादेव सट्टा एप के प्रमोटरों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 508 करोड़ रुपये दिए थे। इस मामले की जांच अभी जारी है।
वहीं, 2023 में रायपुर में 5.39 करोड़ रुपये नकद के साथ गिरफ्तार किए गए असीम दास ने भी अपने बयान में कहा था कि वह शुभम सोनी के निर्देश पर यह रकम भूपेश बघेल तक पहुंचाने आया था। इस मामले में कई अधिकारियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
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