रामलीला मैदान में राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर हमला, बोले- ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे

HIGHLIGHTS
- राहुल गांधी ने रैली को युवाओं, किसानों और मजदूरों की आवाज बताया।
- उन्होंने दावा किया कि 2024 के बाद मतदाता सूची से 13.5 करोड़ नाम हटाए गए।
- आरएसएस पर शिक्षा, स्वास्थ्य, जांच एजेंसियों और अन्य संस्थाओं पर नियंत्रण का आरोप लगाया।
नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक की रैली को संबोधित करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल या नेता की आवाज नहीं, बल्कि देश के युवाओं, किसानों और मजदूरों की आवाज है। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान को खत्म नहीं होने दिया जाएगा।
राहुल गांधी ने कहा कि अमित शाह और ज्ञानेश कुमार को जनता की ओर से संदेश दिया जा चुका है। उन्होंने कहा, "आप अपने आप को जितना बड़ा समझो, जितना आपके पास पैसा है, पावर है, आप जो भी हों, आप संविधान से बड़े नहीं हैं, संविधान आपसे बड़ा है।" उनके मुताबिक, देश के लोग संविधान को नष्ट नहीं होने देंगे और लोकतंत्र की रक्षा करेंगे।
वोट चोरी का आरोप लगाते हुए 13.5 करोड़ नाम हटाने का दावा
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में लंबे समय से वोट चोरी हो रही है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के उदाहरण का जिक्र करते हुए मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक के साथ 2024 के लोकसभा चुनाव में भी वोट चोरी होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि ईवीएम के जरिए और मतदाता सूची से नाम हटाकर वोटों की चोरी की गई।
उन्होंने दावा किया कि 2024 के चुनाव के बाद मतदाता सूची से 13.5 करोड़ वोटरों के नाम हटाए गए। उनके अनुसार, हर सात में से एक मतदाता यानी करीब 15 प्रतिशत वोटरों को सूची से बाहर किया गया। राहुल गांधी ने कहा कि 2024 के चुनाव में एनडीए और विपक्ष के बीच तीन प्रतिशत का अंतर था, जबकि इसके बाद 15 प्रतिशत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। उन्होंने इसे चुनाव की वैधता पर सवाल बताते हुए कहा कि यह चोरी का चुनाव था और यह बात चुनाव आयोग के आंकड़ों से सामने आती है।
ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और जेल जाने की बात कही
राहुल गांधी ने मंच से दावा किया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटना पड़ेगा और वह जेल जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह किसी दुकान से छोटी-मोटी चोरी का मामला नहीं है, बल्कि देश के हर नागरिक की आवाज चुराने जैसा है। राहुल ने इसे कानूनी गलियारों में 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' मामला बताते हुए देशद्रोह और 'ट्रीजन' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के बिना नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री और अमित शाह गृह मंत्री नहीं बन सकते थे। राहुल गांधी ने आरएसएस पर देश की संस्थाओं पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, सीबीआई, ईडी, न्यायपालिका, नौकरशाही और पुलिस का नाम लिया। उन्होंने कहा कि ये संस्थाएं देश के युवाओं और नागरिकों की हैं, न कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह या आरएसएस की।
अंबानी-अदाणी का नाम लेकर आर्थिक असमानता का मुद्दा उठाया
कांग्रेस नेता ने कहा कि संस्थाओं पर कब्जे का असर किसानों, युवाओं और मजदूरों के अधिकारों पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की संपत्ति कुछ लोगों के हाथों में सिमट गई है। राहुल गांधी ने अंबानी और अदाणी का नाम लेते हुए कहा कि उनका हजारों करोड़ रुपये का कर्ज माफ हो जाता है, जबकि छोटे किसान या मजदूर का बेटा कर्ज नहीं चुका पाता तो उसे जेल में डाल दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि देश में ऐसा नहीं होना चाहिए। राहुल गांधी ने शिव की बारात का उदाहरण देते हुए कहा कि उसमें कोई भी शामिल हो सकता है और किसी को रोका नहीं जाता। उन्होंने इसी तरह के समावेशी हिंदुस्तान की बात कही।
राहुल गांधी ने कहा कि देश कुछ लोगों के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अदाणी जिस संस्था को चाहें, उसे अपने नियंत्रण में लेना चाहते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, एयरपोर्ट, रेलवे और बुनियादी ढांचे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ड्रोन और हथियारों तक पर एक ही व्यक्ति का नियंत्रण होने वाला देश उन्हें स्वीकार नहीं है।
मोदी और शाह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही
राहुल गांधी ने कहा कि देश को सही दिशा में लाने के लिए ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना जरूरी है। उन्होंने अमित शाह के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जा रहे हैं। इसके जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जा सकते और अगर वे जाना भी चाहें तो विपक्ष उन्हें जाने नहीं देगा।
उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के बाद नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि वोट चोरी और अदाणी को देश बेचने के मामलों में देश उनसे न्याय मांगेगा। उन्होंने कहा कि उन्हें भागने के बारे में नहीं सोचना चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई होकर रहेगी।
बोले- मोदी, शाह और ज्ञानेश से नफरत नहीं, लेकिन संविधान पर हमला बर्दाश्त नहीं
राहुल गांधी ने कहा कि वह नरेंद्र मोदी, अमित शाह या ज्ञानेश कुमार से नफरत नहीं करते, लेकिन इन तीनों ने देश की आत्मा, संविधान और लोकतंत्र पर हमला किया है। उन्होंने कहा कि उनके लिए कोई व्यक्तिगत दुश्मन नहीं है, लेकिन हिंदुस्तान के नागरिकों की आवाज सबसे अहम है।
उन्होंने कहा, "अगर आप मुझसे मेरा धर्म पूछें तो मैं कहूंगा कि हिंदुस्तान के लोगों की आवाज सुनी जानी चाहिए। यही मेरा धर्म है।" राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि वे नरेंद्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हिंसा नहीं करेंगे और न ही उन्हें मारेंगे या काटेंगे।
आखिरी व्यक्ति की आवाज की रक्षा करने की बात कही
कांग्रेस नेता ने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि पंक्ति में खड़े आखिरी व्यक्ति की आवाज सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि चाहे कोई हिंदू हो, मुस्लिम हो, दलित हो, महिला हो या दिव्यांग, सभी की आवाज की रक्षा की जानी चाहिए।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने देश में नफरत फैलाई है, जिससे नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि रैली में शामिल लोग मोहब्बत और भाईचारा चाहते हैं और विपक्ष ऐसा करके दिखाएगा।
अंत में राहुल गांधी ने कहा कि यह प्रदर्शन किसी एक पार्टी या नेता का नहीं है। इसमें सभी लोग शामिल हैं। उन्होंने इसे देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए उठी हिंदुस्तान की आवाज बताया।
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