खरगे का भाजपा पर हमला, बोले- किरेन रिजिजू को मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रही सरकार

HIGHLIGHTS
- किरेन रिजिजू के पत्र को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए।
- खरगे ने पूछा कि प्रधानमंत्री विपक्ष के पत्रों का सीधे जवाब क्यों नहीं देते।
- उन्होंने मणिपुर में हालिया हिंसा के दौरान चार नागरिकों की हत्या का उल्लेख किया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को पर्याप्त अधिकार नहीं दिए गए हैं और उनका इस्तेमाल केवल एक मोहरे के तौर पर किया जा रहा है। खरगे की यह प्रतिक्रिया परिसीमन संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग को लेकर रिजिजू की ओर से लिखे गए पत्र के बाद आई।
खरगे ने प्रधानमंत्री पर भी साधा निशाना
पत्रकारों से बात करते हुए खरगे ने कहा कि किरेन रिजिजू को उतनी ताकत नहीं दी गई है और उनका इस्तेमाल मोहरे की तरह किया जा रहा है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार का भी जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह उनका इस्तेमाल किया जा रहा है, उसी तरह रिजिजू के साथ भी किया जा रहा है।
खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद किसी को जवाब नहीं देते। विपक्ष की ओर से पत्र लिखे जाने पर जवाब किसी दूसरे व्यक्ति से तैयार करवाया जाता है। उन्होंने इसे विपक्षी नेताओं का अपमान बताया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विपक्षी दलों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है और प्रधानमंत्री जवाब क्यों नहीं देते। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री कानून और संविधान से ऊपर हैं। खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री 543 सांसदों में पहले स्थान पर हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि वे अपनी इच्छा के अनुसार कुछ भी कर सकते हैं।
'देश की जनता चुप नहीं बैठेगी'
खरगे ने आगे कहा कि अगर सरकार ने मनमानी और तानाशाही का रास्ता अपनाने का फैसला कर लिया है, तो देश की जनता चुप नहीं बैठेगी। उनके मुताबिक, जनता सरकार को सत्ता से हटा देगी और उसकी विचारधारा को जड़ से खत्म कर देगी।
दशहरे का उल्लेख करते हुए खरगे ने कहा कि यह महत्वपूर्ण दिन है और वह स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं कि यदि सरकार ने अपने तरीके नहीं बदले और अब तक की गई गलतियों को नहीं सुधारा, तो जनता उसे सजा जरूर देगी।
परिसीमन विधेयक पर सर्वदलीय बैठक की मांग
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अपने पत्र में बताया कि मल्लिकार्जुन खरगे ने 16 अक्तूबर 2026 को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर परिसीमन संशोधन विधेयक को संसद में विचार के लिए पेश करने से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की थी।
इसके जवाब में रिजिजू ने सरकार और विपक्ष के बीच हुई बातचीत तथा पत्राचार का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार इस विधेयक पर विपक्ष का समर्थन और सहयोग मांगती रही है। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार संसद में इस विषय पर चर्चा और विचार-विमर्श के लिए तैयार है।
मणिपुर हिंसा को लेकर भी उठाए सवाल
खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मणिपुर की स्थिति को लेकर तीन सवाल पूछे। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कितने और निर्दोष लोगों की जान जाने के बाद सरकार कोई कदम उठाएगी।
खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भाजपा की अक्षमता के कारण मणिपुर एक बार फिर हिंसा से प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि हिंसा की हालिया घटनाओं में चार निर्दोष नागरिकों की बेरहमी से हत्या की गई, जो निंदनीय है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना भी जताई।
खरगे के मुताबिक, मई 2023 से अब तक मणिपुर में 300 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 24,530 लोग बेहद दयनीय परिस्थितियों में राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।
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