सुल्तानपुर में राहुल गांधी के काफिले से जुड़े हादसे की जांच करेगी SIT, तीन सदस्यीय टीम बनी

HIGHLIGHTS
- तीन सदस्यीय जांच दल को जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
- टीम में सुल्तानपुर के पुलिस अधिकारी भी शामिल किए गए हैं।
- जांच में एस्कॉर्ट और ट्रैफिक प्रबंधन से जुड़े पहलुओं को शामिल किया जाएगा।
सुल्तानपुर: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 26 अक्टूबर को सुल्तानपुर दौरे के दौरान उनके काफिले के पीछे चल रहे वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाया है। पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर गठित यह टीम दुर्घटना के कारणों, उससे जुड़ी परिस्थितियों और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित लापरवाही की जांच करेगी।
आईजी किरण एस को सौंपी गई एसआईटी की जिम्मेदारी
तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का नेतृत्व लखनऊ परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक किरण एस करेंगे। सुल्तानपुर के अपर पुलिस अधीक्षक बृज नारायण सिंह और यातायात के पुलिस उपाधीक्षक राम कृष्ण चतुर्वेदी को टीम में सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है।
सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था की भी होगी पड़ताल
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया है कि एसआईटी दुर्घटना के कारणों और उससे संबंधित परिस्थितियों की विस्तार से जांच करेगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि सुरक्षा, एस्कॉर्ट और यातायात प्रबंधन में किसी प्रकार की चूक हुई थी या नहीं।
जांच दल को भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुझाव देने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। एसआईटी को सभी पहलुओं की जांच पूरी कर जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
अमित शाह पर टिप्पणी के मामले में राहुल गांधी बरी
राहुल गांधी को सोमवार को सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए विशेष अदालत से बरी कर दिया गया। उन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ टिप्पणी करने का आरोप था। यह मामला वर्ष 2018 से चल रहा था और राहुल गांधी इससे पहले भी अदालत में पेश हो चुके थे।
सोमवार को राहुल गांधी सुबह 11 बजकर 19 मिनट पर अदालत परिसर में पहुंचे और 11 बजकर 33 मिनट पर बाहर निकल गए। अदालत के भीतर करीब दस मिनट तक चली सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने मामले की जानकारी देते हुए उनके बरी होने का कारण भी बताया।
स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने सुनाया फैसला
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में सोमवार को एमपी-एमएलए कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में राहुल गांधी को बरी कर दिया।
अदालत के फैसले के बाद राहुल गांधी के समर्थकों ने खुशी जाहिर की और फैसले पर संतोष व्यक्त किया।
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