तीन दिन में खोल दी जाएंगी बर्फबारी से बंद सड़कें, 385 मशीनें लगाईं: विक्रमादित्य

प्रदेश में भारी बर्फबारी और बारिश से ठप पड़ी सड़कों को लेकर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि हालात तेजी से सामान्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अगले तीन दिनों के भीतर अधिकांश अवरुद्ध मार्गों को खोलने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग की मशीनरी दिन-रात काम कर रही है और जेसीबी, डोजर, रोबो मशीनों के साथ दो स्नो ब्लोअर को भी तैनात किया गया है।
रविवार शाम तक 290 सड़कों को बहाल करने का लक्ष्य है, जबकि 26 और 27 जनवरी को 344 अन्य मार्ग खोले जाएंगे। मंत्री ने सचिवालय में मीडिया से बातचीत में बताया कि शुक्रवार रात उन्हें कई स्थानों से सूचना मिली कि बसें और वाहन बर्फ में फंस गए हैं। शिलाई क्षेत्र में फंसे यात्रियों को तत्काल सुरक्षित ठहराने की व्यवस्था कराई गई।
उन्होंने कहा कि ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात हुआ है, ऐसे में रातों-रात सभी रास्ते खुल जाना संभव नहीं है। जनता से संयम बरतने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि छुट्टियों के दौरान केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। मौसम विभाग ने 27 जनवरी को दोबारा बर्फबारी की चेतावनी भी जारी की है।
पुराने घोटालों को देखते हुए सतर्कता
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पूर्व सरकार के समय बर्फ हटाने के नाम पर कई घोटाले सामने आए थे। इसी वजह से इस बार संसाधनों के दुरुपयोग से बचने के लिए केवल जरूरी स्थानों पर ही मशीनरी किराए पर ली जाएगी। अधिकारियों को इस संबंध में सख्त निर्देश दिए गए हैं।
सभी जिला आपदा प्राधिकरण 24 घंटे अलर्ट
राज्य सरकार ने 26 से 28 जनवरी के बीच सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ को देखते हुए सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। राजस्व विभाग की एडवाइजरी के अनुसार, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों को अपने आपातकालीन केंद्र 24 घंटे सक्रिय रखने होंगे।
साथ ही, बर्फबारी और बाढ़ संभावित इलाकों में राहत, बचाव और निकासी योजनाओं की समीक्षा कर उन्हें अपडेट करने को कहा गया है। आम लोगों और पर्यटकों तक समय रहते चेतावनी पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया है।
लोक निर्माण विभाग को रणनीतिक स्थानों पर मशीनें तैनात रखने, बिजली बोर्ड को आपूर्ति बहाल रखने के लिए स्टैंडबाय टीम रखने और जल शक्ति विभाग को पेयजल व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस को ट्रैफिक सुचारु रखने और यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी करने को कहा गया है।
कालका-शिमला रेल सेवा प्रभावित, कई ट्रेनें देरी से चलीं
कालका-शिमला हेरिटेज रेल मार्ग पर भी मौसम का असर देखने को मिला। दिल्ली से आने वाली ट्रेनों की देरी के चलते टॉय ट्रेनें भी समय पर रवाना नहीं हो सकीं। कुछ ट्रेनों को रास्ते में ट्रैक पर गिरे पेड़ों और टहनियों के कारण रुकना पड़ा।
हॉलिडे स्पेशल ट्रेन करीब तीन घंटे की देरी से रवाना हुई, जबकि हिमालयन क्वीन और अन्य एक्सप्रेस भी तय समय से काफी देर से चलीं। बर्फ और बारिश के बाद सभी ट्रेनें यात्रियों से खचाखच भरी रहीं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, लाइनमैन टीम ने गिरे पेड़ों और टहनियों को तुरंत हटाया और ट्रैफिक इंस्पेक्टर लगातार निगरानी कर रहे हैं, जिससे सेवा धीरे-धीरे सामान्य की जा रही है।
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