‘मन की बात’ में बोले पीएम मोदी- प्रकृति संरक्षण और आत्मनिर्भरता है जरूरी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में देश-विदेश से जुड़ी कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों, सामाजिक प्रयासों और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र का उल्लेख करते हुए बताया कि फसल कटाई के समय हाथियों के झुंड अक्सर गांवों के करीब आ जाते हैं, जिससे मानव और वन्यजीव संघर्ष की स्थिति पैदा होती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में काले हिरणों की वापसी का भी जिक्र किया और कहा कि यह प्रकृति संरक्षण के लिए सकारात्मक संकेत है। साथ ही उन्होंने ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (गोडावण) की घटती संख्या पर चिंता जताई और इसके संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।
पीएम मोदी ने सिलीगुड़ी के केंद्रीय विद्यालय के कक्षा 9 के छात्र चंदन मलिक का भी उल्लेख किया, जिन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान अपनी बनाई पेंटिंग भेंट की थी। उन्होंने बताया कि उस छात्र की प्रतिभा से प्रभावित होकर उन्होंने उसे व्यक्तिगत पत्र लिखकर प्रोत्साहित किया।
एक अन्य विषय में प्रधानमंत्री ने बताया कि ब्राजील में आयोजित अंतरराष्ट्रीय चीज (Cheese) प्रतियोगिता में भारतीय चीज ब्रांड्स को पुरस्कार मिले हैं, जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर भी खूब हुई। उन्होंने कहा कि भारत में चीज की विविधता पर और अधिक ध्यान दिए जाने की जरूरत है।
गौतम बुद्ध के संदेशों का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि शांति और आत्मविजय आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, खासकर ऐसे समय में जब दुनिया तनाव और संघर्ष से गुजर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि चिली में एक संस्था लद्दाख के ड्रुबपोन ओत्जर रिनपोछे के मार्गदर्शन में बुद्ध के विचारों को आगे बढ़ा रही है और ध्यान व करुणा को लोगों के जीवन से जोड़ रही है।
प्रधानमंत्री ने बांस नीति में बदलाव का भी जिक्र किया और बताया कि 2017 में बांस को ‘पेड़’ की श्रेणी से हटाने के बाद नॉर्थ-ईस्ट में बांस उद्योग को बड़ा लाभ मिला है। उन्होंने नॉर्थ-ईस्ट को देश की ‘अष्टलक्ष्मी’ बताते हुए इसके विकास की सराहना की।
उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार (National Archives of India) द्वारा 20 करोड़ से अधिक ऐतिहासिक दस्तावेजों के डिजिटलीकरण को एक बड़ी उपलब्धि बताया, जिससे अब यह सामग्री आम लोगों के लिए आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।
शिक्षा क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने फ्रांस के बोर्डो में आयोजित यूरोपियन गर्ल्स मैथमेटिकल ओलंपियाड में भारतीय छात्राओं के बेहतरीन प्रदर्शन पर गर्व जताया।
जनगणना प्रक्रिया को लेकर उन्होंने बताया कि कई राज्यों में ‘सेल्फ-एन्यूमरेशन’ और ‘हाउस लिस्टिंग’ का कार्य तेजी से चल रहा है, जिससे करीब 1.20 करोड़ परिवारों का डेटा तैयार किया जा चुका है। उन्होंने इसे अधिक सरल और डिजिटल बनाने पर भी जोर दिया।
ऊर्जा क्षेत्र पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने सौर और पवन ऊर्जा को देश के भविष्य के लिए जरूरी बताया और ऊर्जा बचत तथा स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की अपील की।
इसके अलावा उन्होंने तमिलनाडु के कलपक्कम में स्वदेशी तकनीक से बने फास्ट ब्रीडर रिएक्टर के क्रिटिकलिटी हासिल करने को भारत की परमाणु ऊर्जा यात्रा में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और देश के वैज्ञानिकों की सराहना की।
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