मोबाइल रिचार्ज खत्म होने पर इनकमिंग बंद होना सरासर मनमानी: राघव चड्ढा

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने उच्च सदन में मोबाइल फोन उपभोक्ताओं के अधिकारों का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि देश में लगभग 125 करोड़ मोबाइल यूजर्स हैं, जिनमें से 90 फीसदी प्रीपेड कनेक्शन इस्तेमाल करते हैं। चड्ढा ने प्रीपेड मोबाइल उपयोगकर्ताओं के सामने आने वाली दो बड़ी समस्याओं को सामने रखा।
सांसद ने कहा कि रिचार्ज की वैधता समाप्त होने पर आउटगोइंग कॉल का बंद होना तो समझ आता है, लेकिन इनकमिंग कॉल और SMS का भी बंद होना “मनमानी” है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज मोबाइल नंबर हमारी डिजिटल पहचान बन चुका है। बैंकिंग, यूपीआई, ट्रेन टिकट, पैन-आधार ऑथेंटिकेशन, अस्पताल या परिवार से आने वाली कॉल सभी इनकमिंग कॉल और SMS के माध्यम से ही आती हैं।
चड्ढा ने इसे राइट टू कम्यूनिकेशन का हनन बताया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे आधार कार्ड या बैंक खाता एक्सपायर नहीं होता, वैसे ही मोबाइल नंबर को रिचार्ज न करने के कारण डिएक्टिवेट नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे फ्री कॉल या डेटा की मांग नहीं कर रहे, बल्कि सिर्फ इनकमिंग कॉल और SMS की सुविधा सुनिश्चित करने की बात कर रहे हैं।
सांसद ने सदन में अपनी तीन प्रमुख मांगें रखीं:
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प्रीपेड कनेक्शन में इनकमिंग कॉल और SMS कम से कम एक साल तक लगातार सक्रिय रहें, जो आखिरी रिचार्ज से शुरू हों।
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कोई मोबाइल नंबर तीन साल के बाद ही डिएक्टिवेट हो, ताकि नंबर को किसी और को तुरंत आवंटित न किया जाए।
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मोबाइल ऑपरेटर्स कम कीमत में इनकमिंग कॉल और SMS की सुविधा प्रदान करें, ताकि उपयोगकर्ता लगातार संपर्क में रह सकें।
राघव चड्ढा का कहना है कि ये बदलाव डिजिटल पहचान और आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लागू किए जाने चाहिए।
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