गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का देने के आरोप पर राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

HIGHLIGHTS
- मामले को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया ने अदालत में आवेदन का जिक्र किया।
- याचिका में दावा किया गया है कि घटना भीड़भाड़ वाली जगह पर हुई थी।
- गौरव भाटिया ने 16 अक्टूबर को भी इस मामले को अदालत के सामने उठाया था।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर एक याचिका पर जवाब मांगा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि 12 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट की ओर निकाले गए मार्च के दौरान राहुल गांधी ने एक गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का दिया था। याचिकाकर्ता ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने और महिला पत्रकार को मुआवजा देने की मांग की है।
मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने जारी किया नोटिस
यह मामला मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ के सामने आया। वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया ने अदालत को बताया कि पहले से लंबित एक याचिका में इस घटना को लेकर आवेदन दिया गया है। इसके बाद अदालत ने राहुल गांधी और अन्य संबंधित लोगों से जवाब मांगा।
याचिका में महिला पत्रकार को धक्का देने का आरोप
याचिका में दावा किया गया है कि मार्च के दौरान राहुल गांधी ने महिला पत्रकार को गेट की तरफ जोर से धक्का दिया। इससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह गिरने लगी। आरोप के मुताबिक, महिला पत्रकार को खुद को संभालने के लिए हाथों का सहारा लेना पड़ा।
याचिका में कहा गया है कि घटना भीड़भाड़ वाली जगह पर हुई, जहां सुरक्षाकर्मी, पत्रकार और अन्य लोग मौजूद थे। याचिकाकर्ता का आरोप है कि यह सामान्य धक्का-मुक्की का मामला नहीं था, बल्कि महिला के साथ जानबूझकर ऐसा किया गया। हालांकि, ये आरोप याचिका में लगाए गए हैं और अदालत में इनकी पुष्टि होना अभी बाकी है।
प्राथमिकी दर्ज करने और मुआवजे की मांग
याचिका में अदालत से राहुल गांधी और कथित घटना में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की गई है। इसके अलावा, महिला पत्रकार को मुआवजा देने की मांग भी की गई है।
वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया ने 16 अक्टूबर को भी अदालत के सामने यह मामला उठाया था। उस समय उन्होंने आरोप लगाया था कि महिला पत्रकार तीन महीने की गर्भवती थी और घटना के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने अदालत से मामले पर संज्ञान लेने की अपील की थी।
मतदाता सूची के मुद्दे पर निकाला गया था मार्च
12 अक्तूबर को राहुल गांधी और विपक्ष के कई प्रमुख नेता अपने समर्थकों के साथ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित गड़बड़ियों और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों को लेकर याचिका दायर की थी।
मार्च को लेकर पहले भी जारी हो चुका है नोटिस
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 12 अक्तूबर को निकाले गए मार्च से संबंधित एक अन्य याचिका पर राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस पार्टी और अन्य संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया था।
मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए भी कई विरोध-प्रदर्शन हुए हैं।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.
















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.