चंद्र ग्रहण से पहले सूतक काल शुरू, दिल्ली में मंदिरों के कपाट बंद

नई दिल्ली। साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण मंगलवार, 3 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा के दिन लग रहा है। भारत में यह ग्रहण स्पष्ट रूप से दिखाई देगा, जिससे इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व और भी बढ़ गया है। इसके साथ ही ग्रहण का सूतक काल भी आज मान्य है, जो सुबह 6:20 बजे से शुरू हो गया।
मंदिरों में भक्तों की हलचल रुक गई
सूतक काल शुरू होते ही दिल्ली के प्रमुख मंदिरों में गेट बंद कर दिए गए। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर और कालकाजी मंदिर ने भक्तों के लिए द्वार बंद कर दिए। मंदिरों के बाहर कई श्रद्धालु खड़े नजर आए, जबकि ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता। सूतक काल में भोजन बनाना और खाना भी वर्जित माना जाता है।
ग्रहण का समय और अवधि
पंचांग के अनुसार, चंद्र ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होगा और शाम 6:47 बजे समाप्त होगा। कुल अवधि 3 घंटे 27 मिनट की होगी। खगोलशास्त्र के अनुसार, चंद्र ग्रहण तब होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी सूर्य की किरणों को चंद्रमा तक पहुंचने से रोक देती है।
कहाँ दिखाई देगा ग्रहण
यह चंद्र ग्रहण पूरे भारत में देखा जा सकेगा। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, कोलकाता, चेन्नई, मुंबई और हैदराबाद में इसे साफ देखा जा सकेगा। ज्योतिष में सूतक काल को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और इसका प्रभाव ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले से ही माना जाता है।
सूतक काल में क्या नहीं करना चाहिए
ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान कोई शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। भोजन बनाना, खाना, यात्रा या नए कार्य शुरू करना टालना चाहिए। मंदिरों में पूजा और धार्मिक गतिविधियाँ भी सूतक काल शुरू होने तक रोकी जाती हैं।
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