लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा संघ परिवार से: अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं और नेताओं से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने सभी को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी और आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन को सतर्क और संगठित रहने की प्रेरणा दी।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि चुनावी जीत की असली लड़ाई बूथ स्तर पर लड़ी जाती है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे अपने बूथ पर पूरी मजबूती के साथ काम करें, वोट बचाने और बूथ जिताने को प्राथमिक जिम्मेदारी मानें। उन्होंने यह भी कहा कि फॉर्म-6 के माध्यम से छूटे हुए मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करना और भाजपा की चालाकियों से सतर्क रहना जरूरी है। “2027 में कोई चूक नहीं होनी चाहिए,” उन्होंने जोर देकर कहा।
अखिलेश यादव ने भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि लोकतंत्र और संविधान के लिए सबसे बड़ा खतरा संघ परिवार से है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनता को भ्रमित करने और झूठा नरेटिव बनाने में माहिर है। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का हवाला देते हुए कहा कि प्रक्रिया में कोई घुसपैठिया नहीं मिला, फिर भी जनता को गुमराह करने की कोशिश की गई।
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता की नाराजगी पर भी ध्यान दिलाया। उनका कहना था कि भ्रष्टाचार हर विभाग में फैला है, अपराधियों के हौसले बढ़े हैं और महिला अपराध व साइबर क्राइम लगातार बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं पर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि लखनऊ के बड़े अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध नहीं हो पा रहा, क्योंकि सरकार संस्थाओं को पर्याप्त बजट नहीं दे रही।
अखिलेश यादव ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि लोहिया संस्थान, सैफई मेडिकल कॉलेज और विश्वस्तरीय कैंसर संस्थान समाजवादी सरकार की देन हैं। इसके साथ ही उन्होंने केजीएमयू और पीजीआई जैसी संस्थाओं में सुविधाओं के विस्तार का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने इन व्यवस्थाओं को कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा समाजवादी पार्टी पर है और कार्यकर्ताओं को अपने काम और व्यवहार से इसे और मजबूत करना होगा।
भाजपा पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि वह पार्टी, जो कभी चीनी सामान के बहिष्कार की बात करती थी, आज विदेशी ताकतों का खुलेआम स्वागत कर रही है। उन्होंने इसे भाजपा समर्थकों के साथ धोखा करार दिया और कहा कि सच सामने आने पर उनका असली चेहरा उजागर हो रहा है।
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