मोहब्बत की दुकान वाले 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' के नारे लगा रहे: राज्यसभा में बोले पीएम मोदी

नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अपनी बात रखी। विपक्ष की नारेबाजी के बीच उन्होंने सदन को संबोधित करते हुए देश की प्रगति और विकास के विषय पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश आज तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और युवा आबादी इसका सबसे बड़ा सामर्थ्य है। उन्होंने विपक्षी नेता मल्लिकार्जुन खरगे की उम्र को लेकर भी तंज किया, कहा कि उनकी उम्र देखते हुए भी यदि वे नारे लगाना चाहें तो लगा सकते हैं, जबकि पीछे कई युवा नेता मौजूद हैं।
देश की प्रगति और वैश्विक पहचान
पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज विश्व के लिए समाधान देने वाला देश बन रहा है। उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते आकर्षण, एमएसएमई नेटवर्क की ताकत और युवाओं की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में भारत छठी अर्थव्यवस्था था, अब यह तीसरे स्थान के करीब है। कोविड के बाद भी देश ने स्थिर विकास दर बनाए रखी है।
व्यापार और अंतरराष्ट्रीय समझौते
प्रधानमंत्री ने यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ हाल के व्यापार समझौतों का जिक्र किया और कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत के प्रति विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इन समझौतों से युवाओं के लिए रोजगार और वैश्विक अवसर बढ़ेंगे।
कृषि और ग्रामीण विकास
प्रधानमंत्री ने छोटे किसानों के लिए चलाई गई योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक 4 लाख करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर जैसे क्षेत्रों में योजनाओं का पहला बार क्रियान्वयन किया गया और देश के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं।
विपक्ष पर कड़ा रुख
मोदी ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की नीतियों पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने देशवासियों को प्राथमिकता नहीं दी और केवल अपने लाभ के लिए काम किया। उन्होंने पीएसयू सुधारों, रेलवे क्रॉसिंग बंद करने, बिजली और आधारभूत संरचना को मजबूत करने का उदाहरण दिया।
नवीन भारत का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार का लक्ष्य विकसित भारत 2047 है। उन्होंने कहा कि यह सरकार 140 करोड़ देशवासियों के हित में काम कर रही है और उनका दृष्टिकोण सेवा पर आधारित है, न कि सत्ता पर। उन्होंने भविष्य के लिए युवाओं के हाथों में समृद्ध भारत देने का संकल्प दोहराया।
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