पंजाब से तीन और पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार, अब तक पांच दबोचे गए

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े कथित जासूसी और फंडिंग नेटवर्क की पड़ताल कर रही हरियाणा पुलिस को एक और बड़ा सुराग हाथ लगा है। मेवात के तावडू निवासी वकील रिजवान और जालंधर के अजय अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद अब अमृतसर से तीन अतिरिक्त व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है। देर रात इन सभी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
पहले चरण में पकड़े गए रिजवान (गांव खरखड़ी, तावडू) और अजय अरोड़ा की रिमांड 4 दिसंबर को समाप्त होने वाली है। पुलिस के अनुसार, नए तीनों आरोपियों पर हवाला चैनलों के ज़रिए पाकिस्तानी हैंडलरों से कथित तौर पर करोड़ों रुपये रिजवान तक पहुंचाने और पंजाब में संदिग्ध गतिविधियों के लिए धन उपलब्ध कराने का आरोप है। फिलहाल इनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
जांच से जुड़े सूत्र बताते हैं कि रिजवान के पंजाब नेशनल बैंक खाते में हवाला के माध्यम से बड़ी धनराशि आई थी, जिसे पुलिस पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा मान रही है। आरोप है कि यह पैसा पंजाब में सक्रिय ऐसे समूहों की सहायता के लिए भेजा गया था, जिन्हें सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध मानती हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि रिजवान ने लगभग 30–35 लाख रुपये अजय अरोड़ा को दिए थे, जिन्होंने वह रकम विदेश में रहने वाले एक कारोबारी तक पहुँचाई। बुधवार को नूंह पुलिस ने रिजवान को गिरफ्तार किया था, जबकि बाद में संयुक्त टीम ने जालंधर से अरोड़ा को पकड़ा। दोनों के लैपटॉप और मोबाइल की फॉरेंसिक जाँच चल रही है, जिसमें कई संदिग्ध चैट और दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है। अब तक कुल पाँच गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं, जबकि पुलिस लगभग 33–34 लाख रुपये बरामद करने का दावा कर रही है।
तावडू के डीएसपी अभिमन्यु लोहान पूरी जांच की अगुवाई कर रहे हैं और लगातार पंजाब के विभिन्न शहरों के दौरे कर रहे हैं, क्योंकि अधिकतर सुराग वहीं से जुड़ रहे हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को रात में ही सीजेएम छवि गोयल की अदालत में पेश किया ताकि मामला गोपनीय रखा जा सके। जांच प्रभावित न हो, इस कारण अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
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