उमा हत्याकांड: पुलिस रिमांड में खुला राज, मीट काटने वाले छुरे से की गई थी हत्या

यमुनानगर। देहात कोतवाली क्षेत्र में हुई उमा हत्याकांड की जांच में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी बिलाल ने पहले से ही हत्या की साजिश रच रखी थी। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह किसी भी तरह उमा से छुटकारा पाना चाहता था, क्योंकि 14 दिसंबर को उसका निकाह तय था और उमा लगातार शादी का दबाव बना रही थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी बिलाल उमा को सहारनपुर से कार में हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब ले गया था। उसकी योजना वहां किसी होटल में कमरा लेकर वारदात को अंजाम देने की थी, लेकिन शनिवार को अवकाश के कारण पर्यटकों की भीड़ अधिक होने से उसे होटल में कमरा नहीं मिल सका। इसके बाद उसने अन्य स्थान पर हत्या की योजना को अंजाम दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने मीट काटने वाले छुरे से उमा का गला रेतकर हत्या की।
हत्या के बाद आरोपी घर पहुंचा और सबसे पहले अपना मोबाइल फोन फॉर्मेट कर दिया, ताकि मृतका से जुड़ी तस्वीरें और संपर्क विवरण मिटाए जा सकें। पुलिस ने मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उसमें मौजूद डेटा रिकवर कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आरोपी ने रात घर पर बिताई और अगले दिन परिवार से कहा कि वह निकाह की तैयारियों में जुटेगा। इस दौरान उसने खरीदारी भी की।
दो साल से अलग रह रही थी उमा
पुलिस जांच में सामने आया है कि 30 वर्षीय उमा एक आठ वर्षीय बेटे की मां थी। वह करीब दो साल पहले पति से विवाद के बाद सहारनपुर के गंगोत्री कॉलोनी में अकेली रह रही थी, जबकि बेटा पिता के पास रहता था। इसी दौरान उसकी पहचान टैक्सी चालक बिलाल से हुई और दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। उमा के खर्च की जिम्मेदारी भी आरोपी ही उठाता था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने यह भी बताया कि उसके परिवार को इस रिश्ते की जानकारी नहीं थी। जांच में यह भी सामने आया कि उमा के पति दिव्यांग हैं और पेशे से पेंटर हैं। पति-पत्नी के बीच चरित्र को लेकर विवाद चल रहा था, जिसके चलते दोनों अलग हो गए थे।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया शव
कलेसर जंगल के लाल ढांग क्षेत्र से बरामद उमा के कटे सिर का पोस्टमार्टम सोमवार को कराया गया। डीएनए जांच के लिए सैंपल सुरक्षित किए गए हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस दौरान मृतका के पिता, भाई और अन्य रिश्तेदार मौजूद रहे।
मृतका के पिता ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया में कहा कि जब उमा करीब 13 साल पहले घर छोड़कर गई थी, तभी उन्होंने उससे नाता तोड़ लिया था। उन्होंने कहा कि अब केवल इंसानियत के नाते अंतिम संस्कार किया गया है।
हथियार की बरामदगी बाकी
सीआईए-2 प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार अभी बरामद नहीं हुआ है। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस उसे दोबारा मौके पर ले जाकर छुरा बरामद करने का प्रयास करेगी।
यह है पूरा मामला
उल्लेखनीय है कि 6 दिसंबर को यमुनानगर के कलेसर जंगल क्षेत्र में उमा की गर्दन काटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में टिडोली निवासी बिलाल को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि शादी के दबाव से बचने के लिए आरोपी ने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। पहले शव का अंतिम संस्कार लावारिस के रूप में कराया गया था, जबकि बाद में मृतका का सिर बरामद हुआ।
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