यूपी: रात्रि और कोहरे में बस सेवाओं के लिए नए सुरक्षा उपाय लागू

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने शरद ऋतु और ठंड के मौसम में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। इसी क्रम में परिवहन विभाग ने बसों के सुरक्षित और सुव्यवस्थित संचालन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोहरे और दृश्यता में कमी जैसी परिस्थितियों में बसों का संचालन अत्यंत सावधानी के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि अत्यधिक कोहरे में बसों को सुरक्षित स्थान पर रोककर ही आगे भेजा जाए और रात्रिकालीन सेवाओं को आवश्यकतानुसार सीमित किया जाए।
मुख्य निर्देश:
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कोहरे में बसों की गति 40 किमी प्रति घंटा से अधिक न हो।
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बस अड्डों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए यात्रियों को लगातार सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाए।
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रात्रि सेवाओं में अनुभवी, दुर्घटना-रहित और अच्छे ईंधन रिकॉर्ड वाले चालकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
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चालकों को रात्रि सेवा से पहले कम से कम 8 घंटे का आराम दिया जाए। 50 प्रतिशत से कम लोड वाली रात्रिकालीन सेवाओं को अस्थायी रूप से स्थगित किया जाए।
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लंबी दूरी और रात्रिकालीन बसों में 13 बिंदुओं पर पूर्व जांच और संचालन के दौरान 31 बिंदुओं पर नियमित निरीक्षण किया जाए।
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सभी बसों में रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप, फॉग लाइट, ऑल वेदर बल्ब, वाइपर और शीशे पूरी तरह कार्यरत होने चाहिए।
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इंटरसेप्टर और प्रवर्तन वाहनों के माध्यम से ब्रेथ एनालाइजर से चालकों का अल्कोहल टेस्ट अनिवार्य किया गया।
सड़क संचालन में विशेष सावधानी:
चालकों को एक्सप्रेस-वे पर अचानक ठहराव से बचाव, डिवाइडर वाली सड़कों पर दायीं ओर और बिना डिवाइडर वाली सड़कों पर बायीं ओर वाहन चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
परिवहन मंत्री ने सभी चालकों और परिचालकों को निर्देशित किया कि उन्हें इन दिशा-निर्देशों का प्रशिक्षण दिया जाए ताकि संयमित गति और सतर्कता के साथ बसों का संचालन सुनिश्चित किया जा सके। मंत्री ने दोहराया कि योगी सरकार प्रत्येक नागरिक के जीवन की सुरक्षा के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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