विनेश फोगाट ने संन्यास से लिया यू-टर्न, ओलंपिक में पदक जीतने की व्यक्त की इच्छा

भारतीय कुश्ती की स्टार खिलाड़ी विनेश फोगाट (31) ने एक बार फिर मैट पर उतरने का फैसला करते हुए अपने संन्यास को वापस ले लिया है। उन्होंने घोषणा की है कि उनका लक्ष्य अब 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में पदक जीतकर अपने अधूरे सपने को पूरा करना है।
2024 पेरिस ओलंपिक में फाइनल तक पहुंचकर इतिहास रचने के बावजूद उनका अभियान अचानक समाप्त हो गया था, जिसके बाद उन्होंने भावनात्मक रूप से टूटकर खेल से दूरी बना ली थी।
पेरिस 2024 में विवाद के बीच टूटा था सपना
पेरिस ओलंपिक में विनेश भारतीय महिला कुश्ती में फाइनल में पहुंचने वाली पहली पहलवान बनी थीं। उनकी शानदार लय को देखते हुए देश को स्वर्ण की उम्मीद थी, लेकिन मुकाबले से ठीक पहले वजन 100 ग्राम ज़्यादा पाए जाने पर उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया। इसी हादसे ने उनके करियर को झटका दिया और उन्होंने संन्यास की घोषणा कर दी थी।
डेढ़ साल बाद लौटीं नई ऊर्जा के साथ
खेल से 18 महीने दूर रहने के बाद विनेश ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि यह समय उनके लिए आत्ममंथन का रहा, जहां उन्होंने अपने सफर के दर्द, थकान और दबाव को समझा।
विनेश के शब्दों में-
"मैंने खुद को पहली बार सांस लेने दिया। दूर रहने पर एहसास हुआ कि कुश्ती के लिए मेरा प्यार अब भी उतना ही गहरा है। मेरे भीतर की आग कभी बुझी नहीं, बस थककर शांत हो गई थी।"
मां बनने के बाद नई शुरुआत
2025 में बेटे को जन्म देने के बाद अब विनेश दोबारा मैदान में उतरने जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह वापसी पहले से ज्यादा खास है क्योंकि अब उनके साथ उनका छोटा बेटा भी उनका हौसला बढ़ाएगा।
"अनुशासन और लड़ाई मेरी पहचान है। चाहे कितनी भी दूर चली जाऊं, मेरा मन हमेशा मैट पर ही रहता है। इस बार मेरी यात्रा अकेली नहीं होगी, मेरा बेटा मेरा सबसे बड़ा मोटिवेशन है," उन्होंने लिखा।
विनेश अब लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 पर पूरी तरह फोकस कर रही हैं और एक बार फिर देश के लिए स्वर्ण पदक की उम्मीद जगाई है।
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