पश्चिम एशिया तनाव: भारत ने नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति पर दिया जोर

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान पर अमेरिका व इज़राइल के हमलों के बीच भारत सरकार ने दो महत्वपूर्ण लक्ष्य साफ किए हैं—भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और देश की ऊर्जा जरूरतों की रक्षा। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने लोकसभा में बयान देते हुए कहा कि भारत शांति और कूटनीति को प्राथमिकता देता है और संघर्ष को कम करने के लिए संवाद को ही समाधान मानता है।
सरकार की नीति के तीन मुख्य आधार
जयशंकर ने बताया कि भारत की रणनीति तीन स्तंभों पर आधारित है:
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क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति को बढ़ावा देना।
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पश्चिम एशिया में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करना।
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राष्ट्रीय हितों की रक्षा, विशेष रूप से ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक गतिविधियों की निरंतरता बनाए रखना।
विदेश मंत्री ने कहा कि यह संघर्ष 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ और अब व्यापक रूप ले चुका है, जिसमें इज़राइल और अमेरिका एक तरफ तथा ईरान दूसरी तरफ हैं। कई खाड़ी देशों पर भी हमले हुए हैं, जिससे जनहानि और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा
जयशंकर ने कहा कि क्षेत्र में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं, जबकि ईरान में हजारों छात्र और पेशेवर हैं। सरकार लगातार हालात पर नजर रखे हुए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 1 मार्च को हुई सुरक्षा पर मंत्रिमंडलीय समिति (CCS) की बैठक में भारतीयों की सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक प्रभाव की समीक्षा की गई।
सरकार ने पहले ही ईरान जाने से बचने की सलाह जारी की और वहां मौजूद भारतीयों को सुरक्षित स्थानों पर जाने या देश छोड़ने की सलाह दी। इसके अलावा, भारतीय दूतावासों ने हेल्पलाइन शुरू की और कई नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में मदद की।
ट्रांजिट यात्रियों और हवाई उड़ानों की व्यवस्था
जयशंकर ने बताया कि दुबई, दोहा और अबू धाबी में फंसे भारतीय ट्रांजिट यात्रियों को सहायता प्रदान की गई। यूएई से ओमान और कतर, कुवैत व बहरीन से सऊदी अरब तक सुरक्षित आवाजाही की व्यवस्था की गई। जहाँ हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खोला गया, वहां वाणिज्यिक उड़ानों के संचालन की मंजूरी दी गई। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप अब तक लगभग 67,000 भारतीय नागरिक स्वदेश लौट चुके हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 7 मार्च को 51, 8 मार्च को 49 और 9 मार्च को 50 उड़ानें संचालित की गईं।
ईरानी नौसैनिक जहाज को कोच्चि में मानवीय पनाह
जयशंकर ने बताया कि ईरान के तीन नौसैनिक जहाजों में से एक, IRIS लावन, 4 मार्च को कोच्चि बंदरगाह पर पहुंचा। चालक दल को भारतीय नौसेना की सुविधाओं में रखा गया। यह कदम पूरी तरह मानवीय था और ईरान ने इसके लिए भारत का आभार व्यक्त किया।
10 प्रमुख बातें
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भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता।
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ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक प्रवाह की रक्षा अहम।
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शांति और कूटनीति पर जोर; सभी पक्षों से संयम की अपील।
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संघर्ष 28 फरवरी 2026 से शुरू, इज़राइल- अमेरिका बनाम ईरान।
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क्षेत्र में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते हैं; ईरान में हजारों छात्र और पेशेवर।
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पीएम मोदी की अध्यक्षता में CCS बैठक में सुरक्षा और आर्थिक प्रभावों की समीक्षा।
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ईरान यात्रा से बचने की सलाह, सुरक्षित स्थानों या देश लौटने की एडवायजरी।
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लगभग 67,000 भारतीय स्वदेश लौट चुके; हेल्पलाइन और सुरक्षित आवाजाही की व्यवस्था।
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वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन, गैर-अनुसूचित उड़ानों सहित।
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ईरान के नौसैनिक जहाज को कोच्चि में मानवीय पनाह; चालक दल सुरक्षित।
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