उमा किरण सपा में लौटेंगी? बेटे ने किया पंकज मलिक का समर्थन

उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया मोड़ तब आया है जब पूर्व मंत्री उमा किरण के बेटे विक्रांत किरण ने समाजवादी पार्टी के विधायक पंकज मलिक का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार इस मामले को जातीय रंग देने का प्रयास कर रहे हैं। विक्रांत के इस बयान ने पूर्व मंत्री उमा किरण की सपा में वापसी की अटकलों को फिर हवा दे दी है।
विक्रांत किरण का बयान
विक्रांत किरण ने कहा कि मंत्री द्वारा पूरे प्रकरण को जातीय रूप देने की कोशिश गलत है। उन्होंने कहा कि सामाजिक एकजुटता बनाए रखना जरूरी है और किसी भी राजनीतिक दल पर अशालीन टिप्पणी करना अनुचित है। उनके समर्थन के बाद अब अनुमान लगाया जा रहा है कि उमा किरण जल्द ही अपने बेटे के साथ सपा में लौट सकती हैं।
उमा किरण का राजनीतिक सफर
मूल रूप से चरथावल की निवासी उमा किरण ने वर्ष 2002 में बसपा के टिकट पर विधायक का चुनाव जीतकर मंत्री पद संभाला। वर्ष 2007 में उन्होंने सपा से चुनाव लड़ा लेकिन तब बसपा के अनिल कुमार से हार गईं। परिसीमन के बाद उनकी सुरक्षित सीट पुरकाजी बन गई।
उमा किरण ने 2012 और 2017 में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सकीं। वर्ष 2022 में उन्होंने आसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। इस हार के बाद उमा किरण राजनीति में सक्रिय नहीं रहीं। अब उनके बेटे विक्रांत किरण के सक्रिय होने से माना जा रहा है कि मां-बेटा दोबारा सपा के दामन थाम सकते हैं।
सपा का बयान और पलटवार
समाजवादी पार्टी के जिला सचिव लोकेंद्र सिमर्थी ने कहा कि मंत्री समाज के किसी वर्ग को इस मामले में घसीटकर सहानुभूति लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधायक पंकज मलिक का सवाल मंत्री से था और सपा के दम पर ही मंत्री विधानसभा पहुंचे।
सपा के जिला मीडिया प्रभारी साजिद हसन ने आरोप लगाया कि रालोद ने नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में मुस्लिम सभासद मनोनीत नहीं किए। वहीं, रालोद के नेता सुधीर भारतीय ने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में रालोद से अपने कोटे के 45 सभासदों को मनोनीत किया गया है, जिनमें छह मुस्लिम समुदाय से हैं।
पंकज मलिक की तबीयत
चरथावल से सपा विधायक पंकज मलिक को संक्रमण के कारण बुखार हो गया। उनके पिता और सांसद हरेंद्र मलिक ने पुष्टि की कि उनका प्रारंभिक उपचार गंगाराम अस्पताल में किया गया और बाद में डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें दिल्ली ले जाया गया। बृहस्पतिवार शाम तक उनकी तबीयत में सुधार की खबर है।
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