बनास डेरी प्लांट में मजदूरों का धरना-प्रदर्शन, वेतन व सुविधाओं को लेकर हंगामा

पिंडरा। बनास डेरी के अमूल प्लांट करखियाव में ठेकेदारों के अधीन काम करने वाले मजदूरों ने शनिवार को मुख्य गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। उनका प्रदर्शन करीब शाम तक चला। मजदूरों ने लंबे समय तक लगातार 12 घंटे काम करने, साप्ताहिक अवकाश न मिलने और अन्य कई मांगों को लेकर हंगामा किया।
मजदूरों का आरोप था कि उन्हें बिना छुट्टी लगातार काम कराया जाता है और विरोध करने पर नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है। साथ ही, नियुक्ति के समय किए गए दो साल में मानदेय बढ़ाने के वादे को भी पूरा नहीं किया गया। महिला मजदूरों ने समान कार्य के बावजूद पुरुष कर्मचारियों की तुलना में कम वेतन मिलने की शिकायत की।
धरने के दौरान मजदूरों ने दूध से लदी गाड़ियों का आवागमन रोक दिया, जिससे प्लांट के अंदर कामकाज प्रभावित हुआ। सूचना पर गोमती जोन के एडीसीपी नृपेंद्र कुमार और इंस्पेक्टर अतुल कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।
प्लांट मैनेजर आलोकमणि त्रिपाठी और ठेकेदार के प्रतिनिधि भी वार्ता के लिए पहुंचे, लेकिन मजदूरों ने समाधान मानने से पहले गुजरात से ठेकेदार के आने का इंतजार किया। शाम करीब छह बजे ठेकेदार के आने के बाद बातचीत सफल रही और समझौता हुआ। इंस्पेक्टर फूलपुर ने बताया कि सुरक्षा के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात रखा गया था।
धरने के दौरान मजदूरों ने श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि विभाग कभी निरीक्षण नहीं करता और ठेकेदार के साथ मिलीभगत के चलते उन्हें लंबे समय से बिना छुट्टी और 12-12 घंटे काम करना पड़ रहा है। मजदूरों ने पीएफ और चिकित्सा सुविधा न मिलने की भी शिकायत की।
प्लांट प्रबंधन का कहना है कि मजदूर सीधे कंपनी के कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि ठेकेदारी व्यवस्था के तहत काम कर रहे हैं। इसलिए उनके वेतन और अन्य सुविधाओं की जिम्मेदारी ठेकेदार की है, जो मजदूरों का शोषण कर रहा है।
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