जयपुर में खेत से मिला जिंदा मोर्टार बम, बम निरोधक दस्ते ने किया डिस्पोज

HIGHLIGHTS
- सूचना मिलने के करीब आठ मिनट में पुलिस और सिविल डिफेंस मौके पर पहुंची।
- जांच में संदिग्ध वस्तु सेना का पुराना मोर्टार बम निकला।
- दोपहर करीब 2 बजे आबादी से दूर गड्ढे में बम डिस्पोज किया गया।
जयपुर के आमेर थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह खेत में जिंदा मोर्टार बम मिलने से हड़कंप मच गया। CRPF कैंपस से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर खातीवालों की ढाणी के वार्ड नंबर 148 में ठाकराला की ढाणी स्थित एक खेत में कचरे के ढेर के बीच यह संदिग्ध वस्तु मिली। सूचना मिलने के बाद पुलिस, सिविल डिफेंस और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा। जांच के दौरान संदिग्ध वस्तु के सेना के पुराने मोर्टार बम होने की पुष्टि हुई।
बम मिलने की जानकारी के बाद पुलिस ने इलाके को सुरक्षित कराया और लोगों को मौके से दूर कर दिया। इसके बाद बम निरोधक दस्ते ने मोर्टार को कब्जे में लिया और आबादी से दूर एक स्थान पर ले जाकर डिस्पोज किया। इस दौरान जोरदार धमाका हुआ, जिसकी आवाज आसपास के क्षेत्र में काफी दूर तक सुनाई दी।
खेत में कचरे के बीच मिला मोर्टार
आमेर थानाधिकारी गौतम डोटासरा के अनुसार, सोमवार सुबह गांव की एक महिला खेत के पास से गुजर रही थी। इसी दौरान उसकी नजर कचरे के ढेर में पड़ी संदिग्ध वस्तु पर गई। वस्तु बम जैसी दिखाई देने पर महिला ने इसकी जानकारी अपने परिवार के लोगों को दी।
कुछ देर बाद ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। इसके बाद पुलिस और कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध वस्तु की जांच की। बम होने की पुष्टि होने के बाद बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया।
आबादी से दूर ले जाकर किया डिस्पोज
बम निरोधक दस्ते ने मौके का जायजा लेने के बाद मोर्टार को आबादी वाले क्षेत्र से दूर ले जाने का फैसला किया। दोपहर करीब 2 बजे दूसरे स्थान पर गड्ढा खोदकर मोर्टार को डिस्पोज किया गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास का इलाका गूंज उठा।
CRPF कैंपस से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर मिला
एसीपी आमेर सुरेंद्र सिंह राणावत ने बताया कि जांच में खेत से मिला बम सेना का पुराना मोर्टार होने की पुष्टि हुई है। यह जगह CRPF कैंपस से करीब एक से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
पुलिस के अनुसार, इस क्षेत्र में इससे पहले जिंदा बम मिलने की कोई घटना सामने नहीं आई थी। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सेना का यह पुराना लेकिन जिंदा मोर्टार खेत में कचरे के ढेर तक कैसे पहुंचा।
पुलिस ने शुरू की जांच
आमेर थाना पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मोर्टार कितने समय से वहां पड़ा था और उसे वहां कौन लेकर आया। इसके पीछे किसी व्यक्ति या अन्य गतिविधि की भूमिका थी या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
8 मिनट में मौके पर पहुंची पुलिस और सिविल डिफेंस टीम
डिप्टी कंट्रोलर सिविल डिफेंस अमित शर्मा के अनुसार, कंट्रोल रूम को सोमवार सुबह करीब 11:05 बजे घटना की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के करीब आठ मिनट बाद पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंच गई। इसके बाद बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया और सुरक्षा इंतजामों के बीच मोर्टार को सुरक्षित तरीके से डिस्पोज किया गया।
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