अलवर: सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति पर बवाल, मंत्री संजय शर्मा नगर निगम में धरने पर बैठे

HIGHLIGHTS
- बुधवार को नगर निगम परिसर में प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण रहा
- मंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की पालना नहीं होने पर सवाल उठाए
- मंगलवार को भी आयुक्त के खिलाफ कर्मचारियों ने नारेबाजी की थी
अलवर: नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति के मुद्दे पर बुधवार को विवाद और बढ़ गया। वन राज्य मंत्री संजय शर्मा सफाई कर्मचारियों के साथ नगर निगम परिसर में धरने पर बैठ गए। इस दौरान निगम परिसर में जमकर हंगामा हुआ। मंत्री ने नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका और जिला प्रशासन के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए उन्हें फटकार लगाई। सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया। मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों से शहर की व्यवस्थाओं और राज्य सरकार के निर्देशों के पालन को लेकर भी सवाल किए।
मंत्री ने अधिकारियों पर जताई नाराजगी
धरने के दौरान मंत्री संजय शर्मा ने नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका से सवाल किया कि वे वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों का पालन क्यों नहीं कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी वरिष्ठ आईएएस रवि जैन की बात भी नहीं सुन रहे हैं और प्रतीक जूहीकर के निर्देशों का भी पालन नहीं किया जा रहा है।
मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारियों का रवैया ऐसा है, जैसे वे राज्य सरकार से भी ऊपर हों। उन्होंने सवाल किया कि जब उनकी और मंत्री झाबरसिंह खर्रा की बात भी नहीं सुनी जा रही है, तो आखिर किसके निर्देश की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों से यह भी पूछा कि शहर की व्यवस्थाओं को लेकर वे क्या करना चाहते हैं।
एक दिन पहले भी हुआ था हंगामा
अलवर नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति और अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को भी विवाद की स्थिति बनी थी। सफाई कर्मचारियों ने नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका के खिलाफ नारेबाजी की थी और नियुक्ति से जुड़ी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था। स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि नगर निगम आयुक्त अपने चैंबर से बाहर नहीं निकल सके। निगम परिसर में काफी देर तक गतिरोध और हंगामा चलता रहा। इसके बाद मौके पर पुलिस बल बुलाया गया।
पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और आयुक्त को उनके चैंबर से सुरक्षित बाहर निकाला। बुधवार को मंत्री के सफाई कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठने के बाद यह मामला एक बार फिर गरमा गया।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साधा निशाना
इस मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि भाजपा सरकार में मंत्रियों की क्या स्थिति है, यह अलवर की तस्वीर ने पूरी तरह सामने ला दी है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र तक नहीं मिले और वन मंत्री संजय शर्मा को अपनी ही सरकार के नगर निगम के सामने धरने पर बैठना पड़ा।
अशोक गहलोत ने कहा कि एक कैबिनेट मंत्री को अपनी ही सरकार में जायज काम के लिए सड़क पर उतरना पड़े, इससे बड़ा सरकार का निकम्मापन और क्या होगा। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर से बात करने के बावजूद अफसरशाही ने मंत्री की एक नहीं सुनी। उनके मुताबिक, भाजपा सरकार में शासन अफसरों के इशारे पर चल रहा है और मंत्री सिर्फ रबर स्टैंप बनकर रह गए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कैबिनेट मंत्री ही व्यवस्था के सामने बेबस हैं, तो गरीब सफाई कर्मचारियों और आम जनता की फरियाद कौन सुनेगा। उन्होंने इसे भाजपा सरकार की बड़ी शर्मिंदगी बताते हुए कहा कि अपनी ही सरकार में अपने ही मंत्री को धरने पर बैठना पड़ रहा है।
अफसरशाही हावी-सचिन पायलट
वहीं सचिन पायलट ने कहा कि प्रदेश की स्थिति ऐसी है कि भाजपा सरकार में मंत्री ही अपनी सरकार के खिलाफ धरने पर बैठने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि अलवर से सामने आई तस्वीर भाजपा सरकार की विफलता को उजागर करती है।
सचिन पायलट ने कहा कि जब सरकार के वन मंत्री को ही अधिकारियों के खिलाफ धरने पर बैठना पड़े और यह सवाल करना पड़े कि सरकार के आदेश के बावजूद नियुक्ति पत्र क्यों नहीं दिए जा रहे हैं, तो सवाल पूरी शासन व्यवस्था पर उठता है। उन्होंने सवाल किया कि अगर अफसरशाही इतनी हावी है तो सरकार कौन चला रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को सफाई कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र जारी करने चाहिए।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.