मेरठ के सरधना में महिला पर जानलेवा हमला, नाबालिग के अपहरण की कोशिश

मेरठ से सटे सरधना थाना क्षेत्र के गांव कपसाड़ में गुरुवार सुबह महिला पर जानलेवा हमला किए जाने और नाबालिग किशोरी को जबरन ले जाने की गंभीर घटना सामने आई है। हमले में महिला को गहरी चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के मुताबिक उसकी हालत अभी स्थिर नहीं है।
छेड़छाड़ का विरोध बना हमले की वजह
पीड़ित परिवार का कहना है कि बुधवार सुबह लगभग आठ बजे महिला अपनी 17 वर्षीय बेटी के साथ खेतों की ओर गन्ने की सिंचाई के लिए निकली थी। इसी दौरान रजबहे के पास गांव के कुछ युवक पहले से मौजूद थे, जिन्होंने रास्ता रोक लिया। आरोप है कि युवकों ने मां-बेटी के साथ आपत्तिजनक व्यवहार किया। महिला द्वारा विरोध जताने पर आरोपी भड़क गए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने लगे।
धारदार हथियार से हमला, महिला बेहोश
परिजनों के अनुसार हमलावरों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए महिला के सिर पर फरसे से वार किया। गंभीर चोट लगने के कारण महिला मौके पर ही बेहोश हो गई। इसी अफरातफरी के बीच आरोपी नाबालिग किशोरी को अपने साथ लेकर फरार हो गए।
निजी अस्पताल में भर्ती, हालत नाजुक
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे और घायल महिला को तुरंत एसडीएस ग्लोबल हॉस्पिटल, मोदीपुरम (मेरठ) में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने महिला की हालत को गंभीर बताया है।
मुकदमा दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
पीड़ित पक्ष की शिकायत पर सरधना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि आरोपियों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
एसएसपी का बयान: पहले से परिचित थे युवक-युवती
एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि युवक और किशोरी एक ही गांव के रहने वाले हैं और पूर्व में एक-दूसरे को जानते थे। किशोरी को ले जाते समय उसकी मां द्वारा विरोध किए जाने पर उसे घायल किया गया।
बरामदगी और गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित
एसएसपी के अनुसार किशोरी की सुरक्षित बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के नेतृत्व में पांच विशेष टीमें बनाई गई हैं। मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।
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