भोपाल में रिटायर्ड IAS की हत्या का आरोपी आगरा से गिरफ्तार, भागने पर पुलिस ने मारी गोली

HIGHLIGHTS
- राकेश अग्रवाल की 30 सितंबर की रात सूरज नगर स्थित घर में गला रेतकर हत्या की गई थी।
- आरोपी की तलाश में पुलिस ने ग्वालियर, मथुरा, वृंदावन और पंजाब में दबिश दी थी।
- पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने आरोपी की तलाश के लिए एसआईटी गठित की थी।
भोपाल में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में करीब एक महीने से फरार चल रहे उनके केयरटेकर वरुण कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को आगरा से पकड़ा गया। भोपाल लाते समय मंगलवार सुबह करीब 5 बजे मुगालिया छाप के पास उसने पुलिस की गिरफ्त से भागने की कोशिश की। इस दौरान आरोपी ने पुलिसकर्मियों के साथ झूमाझटकी भी की। पुलिस के रोकने के प्रयास के बावजूद जब वह भागने लगा तो पुलिस ने कार्रवाई की, जिसमें उसके पैर में गोली लग गई।
शॉर्ट एनकाउंटर के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अब पुलिस उससे पूछताछ कर हत्या की वजह और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं का पता लगाने की तैयारी कर रही है।
30 सितंबर की रात घर में हुई थी रिटायर्ड आईएएस की हत्या
भोपाल के सूरज नगर स्थित आवास पर 30 सितंबर की रात सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद उनके केयरटेकर वरुण कुमार पर शक गहराया था। घटना के बाद से ही वह फरार था। पुलिस ने उसे मुख्य आरोपी मानते हुए उसकी तलाश शुरू कर दी थी। मामला हाईप्रोफाइल होने के चलते आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस पर लगातार दबाव बना हुआ था।
आरोपी को पकड़ने के लिए भोपाल पुलिस की कई टीमें अलग-अलग राज्यों में भेजी गई थीं। पुलिस ने ग्वालियर, मथुरा, वृंदावन और पंजाब समेत कई जगहों पर दबिश दी। इस दौरान आरोपी के कुछ सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए, लेकिन वह लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा देता रहा। आखिरकार पुलिस को उसकी लोकेशन आगरा में मिली, जहां से उसे गिरफ्तार कर भोपाल लाया जा रहा था।
मुगालिया छाप के पास भागने की कोशिश, पैर में लगी गोली
मंगलवार सुबह करीब 5 बजे मुगालिया छाप के पास आरोपी ने पुलिस अभिरक्षा से भागने का प्रयास किया। इस दौरान उसने पुलिसकर्मियों के साथ झूमाझटकी की। पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन जब वह भागने की कोशिश करता रहा तो पुलिस ने कार्रवाई की। इसमें आरोपी के पैर में गोली लग गई। घायल वरुण को तुरंत भोपाल के हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने आरोपी की तलाश के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। एसआईटी की जिम्मेदारी पुलिस मुख्यालय में तैनात एआईजी उमेश तिवारी को सौंपी गई थी।
पूछताछ में सामने आएगी हत्या की वजह
राकेश अग्रवाल की हत्या के पीछे की असल वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर पता लगाएगी कि हत्या की साजिश पहले से रची गई थी या फिर वारदात अचानक हुई। इसके अलावा इस पहलू की भी जांच की जाएगी कि हत्या में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। आरोपी के बयान और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
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