50 करोड़ की जमीन पर कब्जे का आरोप, बिजनौर में पूर्व विधायक समेत 13 नामजद

बिजनौर: शेरकोट कस्बे में सहकारी आवास समिति की करीब 50 करोड़ रुपये कीमत की जमीन के कथित घोटाले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में बढ़ापुर क्षेत्र के पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी समेत 13 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और अमानत में खयानत के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोपियों पर जानलेवा हमला करने का भी आरोप लगाया है।
पुराने सौदे से शुरू हुआ विवाद
मामले की शिकायत समिति के सदस्य शाहिद ने की है। उनके अनुसार वर्ष 1989 में शेरकोट सहकारी आवास समिति ने अब्दुल अजीज से करीब 25 बीघा जमीन खरीदने का समझौता किया था और इसकी पूरी रकम, लगभग 3.45 लाख रुपये, अदा कर दी गई थी।
हालांकि, बैनामा होने से पहले विक्रेता की मौत हो गई। आरोप है कि इसके बाद तत्कालीन सचिव शौकत अली ने वारिसों से मिलीभगत कर केवल आधी जमीन (करीब 12.50 बीघा) ही समिति के नाम कराई और बाकी जमीन को साजिश के तहत हड़प लिया गया।
फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जे का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि फर्जी सदस्यों को दिखाकर और जाली रसीदों के आधार पर जमीन को अन्य लोगों के नाम कर दिया गया। इस पूरे प्रकरण में भू-माफिया तालिब को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है, जिसने अपने सहयोगियों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर कागजी हेरफेर कर जमीन पर कब्जा कर लिया।
इस मामले में पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी, उनके भाई कमाल, मुजाहिद और दानिश, तालिब, सलीम अहमद, फय्याज अहमद, वसीम (अध्यक्ष), शमीम, नसीम, मुनीर, शौकत अली (सचिव), नसीमा खातून और कासिम समेत कई लोगों को नामजद किया गया है।
शिकायतकर्ता पर हमले का आरोप
शाहिद का कहना है कि मौजा रामबड़ी स्थित यह जमीन अब आबादी क्षेत्र में आ चुकी है और इसकी अनुमानित कीमत करीब 50 करोड़ रुपये है। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन की बिक्री से प्राप्त धनराशि समिति के खाते में जमा नहीं कर निजी उपयोग में खर्च कर दी गई।
उन्होंने यह भी बताया कि 17 अप्रैल 2026 को जब वह जमीन की ओर जा रहे थे, तभी आरोपियों ने उन्हें रोककर गाली-गलौज की और जान से मारने की कोशिश की। शोर मचाने पर आसपास के लोग पहुंच गए, जिससे उनकी जान बच सकी।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। क्षेत्राधिकारी आलोक कुमार के अनुसार, पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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