एडवोकेट ममता बनर्जी: सुप्रीम कोर्ट में पेश होकर याद की 1997 की घटना

कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता के रूप में अपनी दलीलें पेश करती दिखाई दीं। सफेद साड़ी और काले शॉल में सजी ममता का अंदाज उस घटना को याद दिला गया, जब 29 साल पहले उन्होंने वकील का काला गाउन पहनकर अदालत में न्याय की लड़ाई लड़ी थी।
यह घटना जुलाई 1997 की है। हुगली के गुप्तीपाड़ा में रथयात्रा के दौरान पुलिस की गोलीबारी में हलधर मंडल की मौत हो गई थी। तत्कालीन विपक्षी नेता ममता बनर्जी पीड़ित परिवार के पक्ष में खड़ी हुईं और प्रशासन की गुप्त अंतिम संस्कार योजना को चुनौती देने के लिए हुगली जिला अदालत में वकील की भूमिका निभाई।
ममता बनर्जी ने जोगेश चंद्र लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री प्राप्त की है और वह अक्सर कहती हैं कि आज भी वह कोर्ट में प्रैक्टिस कर सकती हैं। 1997 में उन्होंने एक परिवार के हक की लड़ाई लड़ी, और अब 2026 में एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में खड़ी हैं।
हुगली के लोग आज भी याद करते हैं कि कैसे ममता ने न्याय के लिए काला गाउन पहन न्यायिक लड़ाई लड़ी। बता दें कि इसी साल, 1 जनवरी 1998 को उन्होंने कांग्रेस छोड़कर अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की थी।
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