शिवालिक के बाद आज भारत पहुंचेगा 'नंदा देवी', एलपीजी आपूर्ति में होगा सुधार

नई दिल्ली। ईरान की विशेष अनुमति के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते हुए एलपीजी से लदा भारतीय जहाज शिवालिक सोमवार शाम को गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर सुरक्षित पहुंच गया। देश में एलपीजी की आपूर्ति में तेजी लाने के लिए पोर्ट पर सभी कागजी कार्रवाई पहले ही पूरी कर दी गई थी, ताकि जहाज से तेल रिफाइनरियों तक गैस का वितरण तुरंत शुरू किया जा सके।
इस क्रम में मंगलवार को भारतीय पोर्ट पर दूसरा जहाज नंदा देवी पहुंचेगा। साथ ही, यूएई से कच्चा तेल लाने वाला जहाज जग लाडली भी मंगलवार को पोर्ट पर आने वाला है। यह जानकारी बंदरगाह और जलमार्ग मंत्रालय की तरफ से पश्चिम एशिया की स्थिति पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई।
देश में एलपीजी की स्थिति और सरकारी कदम
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में एलपीजी की आपूर्ति को लेकर चिंता है, लेकिन पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या पीएनजी की कमी नहीं है। सरकारी तेल कंपनियों ने एलपीजी उत्पादन में 36 प्रतिशत की वृद्धि की है।
सरकार की सबसे बड़ी चुनौती एलपीजी की कालाबाजारी और ब्लैक मार्केटिंग को रोकना है। इस दिशा में केंद्र सरकार, तेल कंपनियों और राज्य सरकारों के अधिकारियों की नियमित बैठकें हो रही हैं। रविवार और सोमवार को असम, मध्य प्रदेश, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में पुलिस और तेल कंपनी अधिकारियों ने गैरकानूनी तरीके से एलपीजी स्टॉक करने वालों पर कार्रवाई की।
होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाज
होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में अब भी 22 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं। इस क्षेत्र में कुल 24 जहाज थे, जिनमें से दो को ईरान ने सुरक्षित निकलने की अनुमति दी। भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि इन जहाजों को निकालने के लिए ईरान से कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है, हालांकि बातचीत जारी है।
अंतरराष्ट्रीय प्रस्ताव पर भारत का रुख
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव पर भारत ने ठंडा रुख अपनाया है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा के लिए अन्य देशों की सैन्य मदद शामिल थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने किसी देश के साथ इस विषय पर द्विपक्षीय बातचीत नहीं की है।
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