तिब्बत में फिर आया भूकंप, 5.4 तीव्रता के झटकों से कांपी धरती

HIGHLIGHTS
- नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 2 बजे भूकंप दर्ज किया गया।
- सुबह आए तीन भूकंपों की तीव्रता 4.0, 4.6 और 4.5 मापी गई थी।
- सुबह दर्ज हुए भूकंपों के केंद्र जमीन से 10 से 15 किलोमीटर की गहराई पर थे।
तिब्बत। तिब्बत में शनिवार दोपहर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भूकंप दोपहर करीब 2 बजे आया और रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.4 मापी गई।
इससे पहले 24 अक्तूबर 2026 की सुबह कुछ ही घंटों के दौरान तिब्बत में तीन बार भूकंप दर्ज किए गए थे। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इनकी तीव्रता क्रमशः 4.0, 4.6 और 4.5 रही। इनमें सबसे अधिक तीव्रता वाला भूकंप 4.6 का था, जिसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे दर्ज किया गया। एनसीएस के आंकड़ों के अनुसार, तीनों भूकंप भारतीय समयानुसार रात 1 बजे से सुबह 6 बजे के बीच आए।
कुछ घंटों के भीतर तीन बार आया भूकंप
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, तिब्बत में दर्ज किए गए भूकंपों का समय और तीव्रता इस प्रकार रही:
पहला भूकंप: रात 1 बजकर 8 मिनट पर 4.0 तीव्रता का भूकंप आया। इसकी गहराई 15 किलोमीटर दर्ज की गई।
दूसरा भूकंप: रात 2 बजकर 7 मिनट पर 4.6 तीव्रता के झटके महसूस किए गए। इसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था।
तीसरा भूकंप: सुबह 5 बजकर 38 मिनट पर 4.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज हुआ। इसकी गहराई भी 10 किलोमीटर रही।
पहले आए शक्तिशाली भूकंप में 16 लोगों की मौत
इससे पहले गुरुवार शाम तिब्बत में 7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसमें बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 16 लोगों की जान चली गई, जबकि 76 लोग घायल हुए। चीन की सरकारी मीडिया के अनुसार, उत्तरी तिब्बत के नागचू शहर में भूकंप के कारण सैकड़ों मकान ढह गए थे।
नागचू के अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप से 339 घर और पशुओं को रखने के लिए बनाए गए 20 बाड़े गिर गए। घटना के बाद प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। अभियान में 1,600 से अधिक बचावकर्मियों को तैनात किया गया है।
प्रभावित लोगों की सहायता के लिए राहत सामग्री भी भेजी गई है। इसमें लगभग 3,000 तंबू, 1,000 तैयार आवासीय इकाइयां, फोल्डिंग बेड, टॉर्च और सर्दियों में इस्तेमाल होने वाले कपड़े शामिल हैं।
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