बांग्लादेश के PM तारिक रहमान कर सकते हैं भारत का दौरा, गंगा जल संधि पर होगी बातचीत

HIGHLIGHTS
- गंगा जल बंटवारा संधि पर भारत और बांग्लादेश के बीच बातचीत जारी है।
- बांग्लादेश नई संधि में गारंटी क्लॉज शामिल करने को प्राथमिकता दे रहा है।
- बांग्लादेश के जल संसाधन मंत्री ने 12 दिसंबर से पहले नई संधि पर हस्ताक्षर की उम्मीद जताई।
नई दिल्ली। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान नवंबर के अंत या दिसंबर की शुरुआत में भारत का दौरा कर सकते हैं। NDTV की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारा संधि के नवीनीकरण को लेकर मौजूदा द्विपक्षीय तंत्र के माध्यम से बातचीत जारी है।
यह संधि 12 दिसंबर को समाप्त हो रही है। हालांकि, तारिक रहमान के भारत दौरे की तारीखों को लेकर दोनों देशों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। उनकी यात्रा की संभावना इस बात पर निर्भर करेगी कि संधि को लेकर चल रही बातचीत किस नतीजे पर पहुंचती है। बांग्लादेश इस समझौते पर सफल बातचीत को तारिक रहमान सरकार की उपलब्धि के रूप में पेश करना चाहता है।
इस महीने की शुरुआत में बांग्लादेश के जल संसाधन मंत्री शाहिदउद्दीन चौधरी एनी ने उम्मीद जताई थी कि 12 दिसंबर से पहले भारत के साथ नई संधि पर हस्ताक्षर हो जाएंगे।
यूनाइटेड न्यूज ऑफ बांग्लादेश (UNB) की रिपोर्ट के अनुसार, 'पानी के भविष्य पर पुनर्विचार: युवा नेतृत्व, न्याय और सहयोग' विषय पर आयोजित एक सेमिनार के बाद एनी ने कहा कि नई संधि में 1977 के समझौते की तरह गारंटी क्लॉज को दोबारा शामिल करना बांग्लादेश की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है।
क्या है गंगा जल बंटवारा संधि?
गंगा जल बंटवारा संधि भारत और बांग्लादेश के बीच 30 साल का द्विपक्षीय समझौता है। इस पर 12 दिसंबर 1996 को तत्कालीन प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा और शेख हसीना ने हस्ताक्षर किए थे।
यह समझौता हर साल 1 जनवरी से 31 मई तक कम पानी वाले मौसम में पश्चिम बंगाल के फरक्का बैराज पर गंगा नदी के जल बंटवारे को नियंत्रित करता है।
बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने कहा है कि तारिक रहमान को भारत आने का निमंत्रण अब भी बरकरार है। उन्होंने यह भी कहा कि इस यात्रा को लेकर जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है।
जापान के दौरे पर जाएंगे प्रधानमंत्री तारिक रहमान
तारिक रहमान के भारत दौरे की संभावित समय-सीमा को लेकर यह जानकारी ऐसे समय सामने आई है, जब वह अगले सप्ताह 26 से 29 अक्टूबर तक जापान की यात्रा पर जाने वाले हैं।
इस साल की शुरुआत में मलेशिया, चीन और न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने के लिए अमेरिका की यात्रा के बाद यह उनका चौथा आधिकारिक विदेशी दौरा होगा।
सरकारी समाचार एजेंसी बांग्लादेश संवाद संस्था (BSS) की रिपोर्ट के मुताबिक, रहमान अपनी जापानी समकक्ष सनाए ताकाइची के निमंत्रण पर जापान जाएंगे। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करना और आर्थिक सहयोग का विस्तार करना है।
बांग्लादेश के विदेश सचिव और भारत में नामित उच्चायुक्त असद आलम सियाम ने पत्रकारों को बताया कि तारिक रहमान 27 अक्टूबर को टोक्यो में ताकाइची के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि जापानी प्रधानमंत्री उनके सम्मान में दोपहर के भोजन का आयोजन करेंगी।
किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
जापान यात्रा के दौरान बांग्लादेश और जापान के बीच चार से अधिक समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए जाने और संयुक्त बयान जारी होने की संभावना है। इस बयान में द्विपक्षीय सहयोग के परिणामों और भविष्य की दिशा का उल्लेख होगा।
BSS की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित समझौतों का उद्देश्य कृषि, मत्स्य पालन, मानव संसाधन विकास, कौशल विकास, नागरिक उड्डयन, व्यापार, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय प्रशासन के आधुनिकीकरण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है।
तारिक रहमान के ऊर्जा और औद्योगिक प्रतिष्ठानों, एक LNG टर्मिनल, पावर प्लांट, परमाणु सुविधा केंद्र और नागोया स्थित टोयोटा प्लांट का दौरा करने की भी संभावना है। यात्रा के दौरान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री मुख्य भाषण भी देंगे।
जापान ने बांग्लादेश में हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के तीसरे टर्मिनल और मातारबारी में बुनियादी ढांचे के विकास जैसी प्रमुख परियोजनाओं के निर्माण में सहयोग किया है।
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