पाकिस्तान में दुष्कर्म आरोपी को जमानत देने वाले जज पर रिश्वत का आरोप, मरियम नवाज ने उठाए सवाल

HIGHLIGHTS
- मामला 20 वर्षीय अजरबैजानी महिला के साथ हुए कथित सामूहिक दुष्कर्म से जुड़ा है।
- मुख्य आरोपी अहमद तनवीर को शुक्रवार को लाहौर में सेशन कोर्ट के बाहर से गिरफ्तार किया गया।
- आरोपी को गिरफ्तारी से पहले मिलने वाली जमानत की अवधि बढ़ाने की अनुमति मिल चुकी थी।
पाकिस्तान। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने शनिवार को एक जज पर गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, 20 वर्षीय अजरबैजानी महिला के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में मुख्य आरोपी को जमानत देने के बदले जज ने रिश्वत ली। उन्होंने कहा कि न्याय कभी बिकने वाली चीज नहीं होना चाहिए।
पंजाब की मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि मामले के मुख्य आरोपी अहमद तनवीर ने पीड़िता को 70,000 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 66 लाख भारतीय रुपये देने की पेशकश की थी। इसके बदले वह चाहता था कि पीड़िता उसके और दो अन्य आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप वापस ले ले।
सेशन कोर्ट के बाहर से गिरफ्तार हुआ आरोपी
शुक्रवार को अहमद तनवीर को लाहौर में सेशन कोर्ट के बाहर से गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले उसे गिरफ्तारी से पूर्व मिलने वाली जमानत (प्री-अरेस्ट बेल) की अवधि बढ़ाने की अनुमति मिल चुकी थी।
तनवीर की गिरफ्तारी को सही ठहराते हुए मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि दुष्कर्म का कोई भी आरोपी या अपराधी केवल पैसे के दम पर कानून की पकड़ से बच नहीं सकता।
मरियम नवाज ने क्या कहा?
मरियम नवाज ने बताया कि जानकारी मिली है कि आरोपी के अमीर परिवार ने पीड़िता को आरोप वापस लेने के बदले दो करोड़ पाकिस्तानी रुपये यानी 72,000 अमेरिकी डॉलर देने की पेशकश की थी। जबकि, पीड़िता का बयान पहले ही धारा 164 के तहत दर्ज किया जा चुका था।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जिस जज ने आरोपी को जमानत दी, उसने भी रिश्वत ली थी। उन्होंने कहा कि यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो इससे न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। यह मामला इस बात को भी उजागर करता है कि दुष्कर्म पीड़िताओं को किस तरह आर्थिक दबाव और सत्ता के दुरुपयोग का सामना करना पड़ सकता है।
मरियम नवाज ने कहा, 'न्याय कभी भी बिकने वाली चीज नहीं होनी चाहिए और कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं होना चाहिए।'
शुक्रवार को जमानत की सुनवाई के दौरान आरोपी अपने वकील के साथ अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रफाकत अली गोंडल के सामने पेश हुआ था।
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