एपीओ परीक्षा में सवाल: मोहम्मद अली जिन्ना को हिंदू-मुस्लिम एकता का राजदूत किसने माना?

मेरठ। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से आयोजित सहायक अभियोजन अधिकारी (एपीओ) प्रारंभिक परीक्षा रविवार को जिले में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा के लिए बनाए गए केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और अभ्यर्थियों की सघन जांच के बाद ही उन्हें अंदर प्रवेश दिया गया।
जिले में इस परीक्षा के लिए कुल 30 केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों पर 13,776 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। परीक्षा सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक निर्धारित समय के अनुसार आयोजित की गई। परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी गई और प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की तलाशी ली गई।
150 प्रश्नों का था पेपर
परीक्षा में कुल 150 प्रश्न पूछे गए, जिनमें सामान्य ज्ञान के 50 और विधि (लॉ) से जुड़े 100 प्रश्न शामिल थे। सभी प्रश्न बहुविकल्पीय थे और प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प दिए गए थे, जिनमें से अभ्यर्थियों को सही उत्तर चुनना था।
इस परीक्षा में नकारात्मक अंकन (नेगेटिव मार्किंग) का भी प्रावधान था। गलत उत्तर देने पर एक-तिहाई अंक काटे जाने का नियम लागू किया गया था।
समसामयिक और इतिहास से जुड़े सवाल
पेपर में सामान्य ज्ञान और इतिहास से जुड़े कई प्रश्न पूछे गए। इनमें भारत के विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) का सदस्य बनने का वर्ष, पाकिस्तान की मांग का समर्थन करने वाले कांग्रेसी नेता, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से संबंधित जानकारी और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े सवाल शामिल थे। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय संबंध और अर्थशास्त्र से जुड़े विषयों पर भी प्रश्न पूछे गए।
अभ्यर्थियों ने बताया कठिन रहा पेपर
परीक्षा देकर बाहर निकले कई अभ्यर्थियों ने पेपर को अपेक्षाकृत कठिन बताया। थापर नगर स्थित खालसा कन्या इंटर कॉलेज केंद्र से परीक्षा देकर निकलीं अभ्यर्थी अंजू, प्रियंका, अंजू शर्मा और नीलू ने बताया कि सामान्य ज्ञान के प्रश्न काफी चुनौतीपूर्ण थे।
उनका कहना था कि विधि से जुड़े प्रश्न भी सीधे धाराओं पर आधारित न होकर विषय की गहराई से पूछे गए थे, जिससे पेपर हल करने में अधिक समय लगा। साथ ही नकारात्मक अंकन के कारण कई सवालों को छोड़ना पड़ा।
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