यूपी में चकबंदी करवाने वाले किसानों को बड़ी राहत, बिना फार्मर रजिस्ट्री बेच सकेंगे गेहूं

HIGHLIGHTS
- गेहूं की सरकारी खरीद व्यवस्था में फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य किए जाने के बाद चकबंदी प्रक्रिया से गुजर रहे गांवों के किसानों को शुरुआती तौर पर कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।
- हालांकि अब प्रशासन ने ऐसे किसानों को बड़ी राहत देते हुए पुरानी व्यवस्था के तहत उपज बिक्री की अनुमति दे दी है।
- नए निर्णय के अनुसार, चकबंदी वाले गांवों के किसान अब बिना फार्मर रजिस्ट्री के भी अपने गेहूं को सरकारी क्रय केंद्रों पर बेच सकेंगे।
- इससे उन किसानों को काफी सहूलियत मिलेगी, जो अब तक तकनीकी कारणों से पंज…
अमेठी। गेहूं की सरकारी खरीद व्यवस्था में फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य किए जाने के बाद चकबंदी प्रक्रिया से गुजर रहे गांवों के किसानों को शुरुआती तौर पर कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि अब प्रशासन ने ऐसे किसानों को बड़ी राहत देते हुए पुरानी व्यवस्था के तहत उपज बिक्री की अनुमति दे दी है।
नए निर्णय के अनुसार, चकबंदी वाले गांवों के किसान अब बिना फार्मर रजिस्ट्री के भी अपने गेहूं को सरकारी क्रय केंद्रों पर बेच सकेंगे। इससे उन किसानों को काफी सहूलियत मिलेगी, जो अब तक तकनीकी कारणों से पंजीकरण नहीं करा पा रहे थे।
चकबंदी से प्रभावित गांवों के किसान
जिले की करीब 47 ग्राम पंचायतें, जैसे मंगौली, बनभरिया, सिंदुरवा, कोयलारा मुबारकपुर, महोना पूरब और रसूलपुर सहित अन्य गांवों में चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है। इन इलाकों में 22 हजार से अधिक किसान रहते हैं।
चकबंदी प्रक्रिया के चलते इन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी नहीं हो पा रही थी, जिसके कारण वे सरकारी क्रय केंद्रों पर अपनी उपज नहीं बेच पा रहे थे। मजबूरी में उन्हें कम दामों पर आढ़तियों के पास गेहूं बेचना पड़ रहा था।
सरकार का राहत निर्णय
स्थिति को देखते हुए शासन ने चकबंदी प्रभावित गांवों के किसानों को अस्थायी छूट प्रदान की है। अब ये किसान पुरानी प्रक्रिया के तहत बिना फार्मर रजिस्ट्री के भी सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेच सकेंगे।
जिले में कुल 106 गेहूं क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें विपणन शाखा के 38, पीएसएफ के 20, पीसीयू के 20, यूपीएसएस के 17, भारतीय खाद्य निगम के 4, नैफेड के 5 और मंडी समिति के 2 केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों पर 2585 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद की जा रही है।
अब तक जिले में 4850 से अधिक किसानों ने गेहूं बिक्री के लिए पंजीकरण भी करा लिया है, जबकि नई छूट से और किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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