बांकुड़ा में भाजपा नेता के घर आग, सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी पर लगाया आरोप

पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में भाजपा के स्थानीय नेता तपस बारिक के घर में आग लगने से राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। घटना 22 जनवरी की तड़के करीब दो बजे हुई, जिसमें पूरा घर जलकर खाक हो गया। भाजपा नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने इस घटना को “जानबूझकर हमला” बताया और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर आरोप लगाया कि यह विपक्षी ताकतों को कमजोर करने की साजिश है।
सुवेंदु अधिकारी बांकुड़ा के ओंदा में पहुंचकर तपस बारिक के जले हुए घर का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बारिक की सक्रियता से भाजपा का वोटबैंक मजबूत हो रहा था, जिससे टीएमसी घबराई हुई है। अधिकारी ने यह भी चिंता जताई कि प्रशासन आग को शॉर्ट सर्किट या गैस लीकेज बताकर असली दोषियों को बचाने का प्रयास कर सकता है।
जांच में लापरवाही के आरोप
भाजपा ने फॉरेंसिक टीम की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनके अनुसार टीम घटना के करीब 48 घंटे बाद मौके पर पहुंची और आग लगने के दिन कोई ठोस प्रारंभिक जांच नहीं की गई। साथ ही, परिवार को बुनियादी राहत जैसे कंबल या तिरपाल भी नहीं दी गई। पहले से मिली धमकियों के बावजूद सुरक्षा इंतजाम भी नहीं किए गए। भाजपा का आरोप है कि पुलिस टीएमसी के इशारे पर काम कर रही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना और सुरक्षा पर सवाल
सुवेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के लिए लगभग 40 लाख घरों को मंजूरी दी थी, लेकिन राज्य में अब भी गरीब परिवार जर्जर घरों में रहने को मजबूर हैं। यदि योजना सही ढंग से लागू होती, तो बारिक का परिवार सुरक्षित पक्के घर में रहता।
भाजपा का समर्थन और सुरक्षा आश्वासन
सुवेंदु अधिकारी ने तपस बारिक के परिवार को पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी घर की मरम्मत कराएगी, आर्थिक मदद प्रदान करेगी, दुकान फिर से शुरू करने में सहायता करेगी और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। अधिकारी ने बताया कि बारिक घटना के बाद गांव छोड़ना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें सुरक्षा का भरोसा देकर रोक लिया।
टीएमसी की प्रतिक्रिया
टीएमसी प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि आग के कारणों का अभी पता नहीं चला है और इसे लेकर पार्टी पर आरोप लगाना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने यदि आवास योजना के फंड जारी किए होते तो परिवार को पक्का घर मिल चुका होता।
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