चित्रा हत्याकांड: बच्चों ने मां की लाश देख पुलिस को दी सूचना

मेडिकल थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसमें 35 वर्षीय घरेलू सहायिका चित्रा की उसकी पति वीशू ने शनिवार रात गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी अपने दो बच्चों को लेकर फरार हो गया। बच्चों को पहले उसने रोहटा सड़क स्थित अपने दोस्त के घर और बाद में सोमवार को मजदूर चौक पर छोड़ दिया। जब बच्चे घर लौटे, तो उन्होंने मां की मौत का खुलासा किया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर दो टीमों को उसकी तलाश पर लगाया है।
पारिवारिक और वैवाहिक जानकारी
शास्त्रीनगर के-बी-लॉक में किराए के कमरे में रहने वाली चित्रा घरों में घरेलू सहायिका का काम करती थी। मूल रूप से वह बुलंदशहर के मोहल्ला टांडा की रहने वाली थी। चित्रा की पहली शादी मनोज से हुई थी और उनसे उसके दो बच्चे हर्ष (11) और परी (9) हैं। मनोज की छह साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद तीन साल पहले उसने रोहटा रोड के गोलाबड़ निवासी ऑटो चालक वीशू से पुनः विवाह किया था।
घटना का क्रम
पुलिस के अनुसार, शनिवार रात वीशू ने चित्रा की हत्या की और बच्चों को अपने दोस्त के पास रोहटा रोड भेजा। सोमवार सुबह, बच्चों की जिद पर, वीशू उन्हें टेंपो में लेकर मजदूर चौक पर छोड़कर भाग गया।
कमरे में ताला लगा मिला, शव बरामद
दोनों बच्चे अपने कमरे लौटे, तो बाहर ताला लगा हुआ था। बच्चों ने गेट की चाबी से दरवाजा खोला और अंदर जाकर मां चित्रा का शव बिस्तर पर पड़ा पाया। उन्होंने शोर मचाया, जिससे पड़ोसी इकट्ठे हुए और उन्होंने 112 को सूचना दी। बच्चों ने अपनी मां की बहन, दिल्ली निवासी रेखा को भी फोन पर खबर दी।
जांच और फोरेंसिक टीम
मेडिकल थाना प्रभारी सत्यवीर सिंह अत्री, एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह और सीओ अभिषेक तिवारी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर जाकर साक्ष्य जुटाए। पोस्टमार्टम के बाद शव मोर्चरी भेजा गया।
दहेज हत्या का मामला दर्ज
एसपी सिटी ने बताया कि मृतका के भाई रिंकू (टांडा, बुलंदशहर) ने वीशू के खिलाफ दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के बाद से वीशू चित्रा को दहेज के लिए प्रताड़ित करता था, और इसी के चलते उसने उसकी हत्या की। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होगा और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो टीमों को लगाया गया है।
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