राम मंदिर ट्रस्ट के जमीन सौदों पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, पांच मिनट में कीमत बढ़ने पर जताई आपत्ति

HIGHLIGHTS
- जयराम रमेश ने चंदे में कथित हेराफेरी को लेकर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाए।
- कांग्रेस के मुताबिक, दो करोड़ रुपये में खरीदी गई जमीन पांच मिनट बाद 18.5 करोड़ रुपये में ट्रस्ट को बेची गई।
- जमीन की दोनों रजिस्ट्रियों में गवाहों की भूमिका को लेकर भी सवाल किए गए।
राम मंदिर में चढ़ावे और निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के साथ-साथ देशभर के करोड़ों लोगों से निर्माण के लिए जुटाई गई हजारों करोड़ रुपये की राशि में भी हेराफेरी हुई। भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘भाजपा, आरएसएस, वीएचपी का सपना, चंदे का माल अपना।’
जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि जब उनकी नाक के नीचे चंदे की कथित चोरी हुई, तो उन्होंने चुप रहकर इस मामले में मौन सहमति क्यों दी और खुद को इस पाप का भागीदार क्यों बनने दिया।
जमीन के सौदे में पांच मिनट में कीमत बढ़ने पर सवाल
कांग्रेस महासचिव ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े जमीन के सौदों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि क्या यह सही है कि संबंधित दिन शाम 7:10 बजे तिवारी और अंसारी ने कुसुम पाठक से जमीन दो करोड़ रुपये में खरीदी थी। इसके ठीक पांच मिनट बाद, शाम 7:15 बजे, उसी जमीन को ट्रस्ट ने चंपत राय के माध्यम से 18.5 करोड़ रुपये में खरीद लिया।
रमेश ने सवाल किया कि महज पांच मिनट के अंतराल में जमीन की कीमत इतनी अधिक कैसे बढ़ गई। उन्होंने इस सौदे को कथित लूट बताते हुए पूरे मामले पर जवाब मांगा।
जमीन की रजिस्ट्री के गवाहों और जांच रिपोर्ट पर भी उठाए सवाल
जयराम रमेश ने जमीन से जुड़े दोनों रजिस्ट्री दस्तावेजों के गवाहों को लेकर भी सवाल किए। उन्होंने पूछा कि क्या दोनों दस्तावेजों में तत्कालीन भाजपा महापौर ऋषिकेश उपाध्याय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा गवाह थे।
कांग्रेस नेता ने यह भी सवाल उठाया कि वर्ष 2021 की जांच रिपोर्ट पांच साल बीतने के बाद भी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। उन्होंने पूछा कि जमीन के सौदों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) के निष्कर्ष कब सामने आएंगे।
कांग्रेस का आरोप है कि विपक्ष लगातार इस मामले को उठाता रहा है और भाजपा, आरएसएस तथा वीएचपी से जुड़े लोगों पर सवाल किए जाते रहे हैं, लेकिन अब तक न तो जांच के नतीजे सार्वजनिक हुए और न ही कोई कार्रवाई हुई।
पीएम मोदी और सीएम योगी की चुप्पी पर भी कांग्रेस ने घेरा
कांग्रेस ने सोमवार को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुप्पी पर सवाल उठाए थे। पार्टी ने कहा था कि सत्ता के अहंकार में चूर चंदा चोरों को सजा दिलाना देश के नागरिकों की जिम्मेदारी है।
इसी महीने इससे पहले भी कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय जैसे लोगों को जांच में बचाया जा रहा है। पार्टी ने यह सवाल भी उठाया था कि चार जून को कथित चोरी की रकम से जुड़ा वीडियो चंपत राय तक पहुंचने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज करने में 21 दिन की देरी क्यों हुई।
कांग्रेस ने चढ़ावे का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने और इस मामले में जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है।
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