दलेर मेहंदी विवाद पर सीएम धामी का बयान, बोले- मीका और दलेर भाई से खुद करूंगा बात

HIGHLIGHTS
- कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी की प्रस्तुति को लेकर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने नाराजगी जताई थी।
- सुबोध उनियाल के अनुसार, कार्यक्रम के लिए गायक को 35 लाख रुपये दिए गए थे और होटल में ठहरने की व्यवस्था भी की गई थी।
- मंत्री ने दावा किया कि दलेर मेहंदी 45 मिनट तक प्रस्तुति नहीं दे पाए थे।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि वह गायक दलेर मेहंदी और मीका सिंह से बातचीत करेंगे। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने दलेर मेहंदी से जुड़े विवाद पर यह बात कही। दरअसल, कुंजापुरी मेले में प्रस्तुति के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी को मंच से फटकार लगाई थी। इसके बाद इस मामले को लेकर विरोध शुरू हो गया। सोशल मीडिया पर अभिनेता अनुपम खेर और राजपाल यादव के बयान भी चर्चा में हैं।
अनुपम खेर ने दलेर मेहंदी के समर्थन में क्या कहा?
अनुपम खेर ने कहा कि वह दलेर मेहंदी को 25 से 30 साल से जानते हैं और वह एक बड़े कलाकार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह उस कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे। खेर के मुताबिक, संभव है कि दलेर मेहंदी ने लिप्सिंग की हो। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो-तीन वर्षों से गायक की तबीयत ठीक नहीं चल रही है।
अनुपम खेर ने कहा कि दलेर मेहंदी कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के अपने वादे के मुताबिक वहां पहुंचे होंगे, लेकिन किसी पर सार्वजनिक रूप से आरोप लगाना उचित नहीं है।
‘कला को खरीदा नहीं जा सकता’: राजपाल यादव
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे बयान में अभिनेता राजपाल यादव ने कहा कि मंच पर किसी गायक के लिए इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कला को खरीदा नहीं जा सकता, क्योंकि कला जीवन है और जीवन का सम्मान किया जाना चाहिए।
राजपाल यादव ने यह भी कहा कि दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते हैं और इन दिनों उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है।
सुबोध उनियाल ने विवाद पर क्या सफाई दी?
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि यदि दलेर मेहंदी की तबीयत ठीक नहीं थी, तो कार्यक्रम के आयोजकों या वहां मौजूद लोगों को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। उनके मुताबिक, ऐसी स्थिति में उन्हें कार्यक्रम में नहीं आना चाहिए था।
उनियाल ने बताया कि कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए दलेर मेहंदी को 35 लाख रुपये दिए गए थे और उनके ठहरने के लिए होटल में अलग से व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य संगीत को बदनाम करना नहीं था, लेकिन जब गायक 45 मिनट तक प्रस्तुति नहीं दे पाए, तो जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्होंने उन्हें टोका।
मंत्री ने कहा कि कलाकार का सम्मान किया जाना चाहिए और कलाकार को भी अपने सम्मान का ध्यान रखना चाहिए।
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