महिला आरक्षण के साथ परिसीमन पर भी बहस जरूरी: इमरान मसूद

सहारनपुर में कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने परिसीमन को लेकर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह मुद्दा सिर्फ महिला आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े कई गंभीर पहलू भी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को आरक्षण देने की प्रक्रिया के साथ परिसीमन आयोग को दिए जा रहे व्यापक अधिकारों पर भी बहस जरूरी है।
इमरान मसूद ने कहा कि देश के अधिकतर राजनीतिक दल और समाज के लोग महिला आरक्षण के समर्थन में हैं, लेकिन इसके साथ परिसीमन आयोग की शक्तियों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं, जिनका जवाब मिलना चाहिए।
उत्तर-दक्षिण के बीच तनाव बढ़ने की आशंका
उन्होंने कहा कि यदि परिसीमन प्रक्रिया में जनसंख्या के आधार पर उत्तर और दक्षिण भारत के बीच संतुलन साधने की कोशिश की गई, तो इससे दोनों क्षेत्रों के बीच भरोसे की कमी बढ़ सकती है। उनका मानना है कि ऐसा कोई भी कदम देश की एकता और राजनीतिक संतुलन पर असर डाल सकता है।
दक्षिण भारत में विरोध की संभावना
कांग्रेस नेता ने आगे चेतावनी दी कि यदि इस विषय पर संतुलित और सर्वमान्य समाधान नहीं निकाला गया, तो दक्षिण भारत में इसके खिलाफ व्यापक विरोध देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय असंतोष और अविश्वास की स्थिति देश के हित में नहीं है।
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