दिल्ली: इंटरनेशनल ट्रेड फेयर की टिकट हुई सस्ती, अब 80 रुपये में मिलेगी एंट्री

दिल्ली। भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला मंगलवार तक बिजनेस डे के रूप में सीमित रहेगा, जिसके बाद बुधवार से यह पूरी तरह आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। टिकट दरों में कमी के बाद मेले में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। शुरुआत से ही राज्यों की झलक, विदेशी पवेलियन और देशी उत्पादों से सजा यह मेला लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
मंगलवार को बिजनेस डे का अंतिम दिन है। बुधवार से आम लोगों का प्रवेश शुरू होते ही मेले की रौनक और बढ़ने की उम्मीद है। बिजनेस डे के दौरान 500 रुपये का मिलने वाला टिकट अब सामान्य दिनों में 80 रुपये में उपलब्ध होगा, जबकि शनिवार और रविवार को इसकी कीमत 150 रुपये होगी। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग आगंतुकों के लिए प्रवेश निःशुल्क रखा गया है।
मेला 27 नवंबर तक चलेगा। सोमवार को बिजनेस डे में 5,499 टिकट बिके, लेकिन आईटीपीओ का अनुमान है कि आम दिनों में यह संख्या कई गुना बढ़ सकती है। माना जा रहा है कि बुधवार से प्रतिदिन 30 हजार से अधिक लोग मेले में पहुंच सकते हैं। यह ट्रेड फेयर हर साल लाखों लोगों को आकर्षित करता है और दिल्ली की सबसे लोकप्रिय वार्षिक आयोजनों में शामिल है। आगंतुक राज्यों के स्टॉल, अंतरराष्ट्रीय उत्पादों और देशी खान-पान का आनंद लेने के लिए मेले का बेसब्री से इंतजार करते हैं।
देशी स्टॉलों पर उमड़ी सबसे ज्यादा भीड़
इस बार थाईलैंड, मलेशिया, स्वीडन, दक्षिण कोरिया, तुर्किये, मिस्र, यूएई, ईरान, लेबनान और ट्यूनीशिया जैसे देशों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई है। विदेशी उत्पादों की मौजूदगी के बावजूद भारत के विभिन्न राज्यों के स्टॉल सबसे ज्यादा भीड़ खींच रहे हैं। यहां पारंपरिक परिधान, हस्तशिल्प, हैंडलूम, कला और स्थानीय व्यंजन आगंतुकों को खूब पसंद आ रहे हैं।
मणिपुर का राज्यदिवस मनाया गया
सोमवार को मेले में मणिपुर का राज्यदिवस भी मनाया गया। एम्फीथिएटर में आयोजित लोकगीतों और पारंपरिक नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कई आगंतुक प्रदर्शन की लय में थिरकते दिखाई दिए।
आयोजकों का कहना है कि आम दिनों की शुरुआत के साथ मेले की चमक और बढ़ेगी। त्योहारों का मौसम बीतने के बावजूद खरीदारी का उत्साह बरकरार है और लोग अनोखे उत्पादों के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति को नज़दीक से देखने के लिए बड़ी संख्या में मेले में पहुंचने वाले हैं।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.