साबुन की बची हुई कत्तलों को फेंके नहीं, इन आसान तरीकों से करें इस्तेमाल

घर में अक्सर ऐसी कई चीजें बच जाती हैं जिन्हें हम बेकार समझकर फेंक देते हैं। खासकर नहाने या हाथ धोने के लिए इस्तेमाल होने वाले साबुन जब बहुत छोटे हो जाते हैं तो उन्हें पकड़कर इस्तेमाल करना मुश्किल लगता है। इसी वजह से लोग इन छोटे टुकड़ों को कूड़ेदान में डाल देते हैं। जबकि थोड़ी सी समझदारी से इन्हीं साबुन के टुकड़ों का इस्तेमाल घर के कई कामों में किया जा सकता है। ये छोटे-छोटे टुकड़े घर में खुशबू बनाए रखने से लेकर सफाई तक कई कामों में मददगार साबित होते हैं। बस इनके उपयोग का सही तरीका पता होना चाहिए।
अगर आपके घर में भी साबुन के छोटे टुकड़े इकट्ठा हो जाते हैं, तो उन्हें फेंकने की बजाय इन आसान तरीकों से दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है।
अलमारी में रखें ताजगी
सबसे पहले साबुन के बचे हुए टुकड़ों को अच्छी तरह सुखा लें। इसके बाद इन्हें किसी पतले कपड़े या जालीदार पाउच में डालकर बांध दें। इस पोटली को अलमारी, दराज या कपड़ों के बीच रख दें। इससे कपड़ों में नमी से आने वाली बदबू दूर होती है और कपड़े लंबे समय तक खुशबूदार रहते हैं।
जूते की बदबू होगी दूर
गर्मी और बारिश के मौसम में जूतों से बदबू आना आम समस्या है। जूतों की नियमित सफाई जरूरी है, लेकिन इसके साथ आप एक छोटा साबुन का टुकड़ा भी जूते के अंदर रातभर के लिए रख सकते हैं। इससे जूते के अंदर की नमी कम होती है और बदबू भी धीरे-धीरे खत्म हो जाती है।
बाथरूम में बनी रहेगी खुशबू
कई बार सफाई के बाद भी बाथरूम में हल्की सी सीलन की गंध बनी रहती है। ऐसे में साबुन के टुकड़ों को एक छोटी कटोरी या जालीदार पोटली में रखकर बाथरूम के किसी कोने में रख दें या टांग दें। नमी के संपर्क में आने पर साबुन की खुशबू फैलती रहती है और बाथरूम ताजा महकता है।
बनाएं लिक्विड सोप
छोटे साबुन के टुकड़ों को हाथ में पकड़कर इस्तेमाल करना मुश्किल होता है, लेकिन इन्हें फेंकने की जरूरत नहीं है। आप इनसे आसानी से लिक्विड सोप बना सकते हैं। इसके लिए साबुन को कद्दूकस कर लें और गर्म पानी में डालकर डबल बॉयलर की मदद से पिघला लें। इसमें थोड़ा पानी और पसंद का एसेंशियल ऑयल मिलाकर बोतल में भर लें। चाहें तो इसे दोबारा जमाकर नया साबुन भी तैयार किया जा सकता है।
सिलाई में आएगा काम
अगर आप सिलाई करते हैं तो सूखे साबुन का टुकड़ा चॉक की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे कपड़े पर आसानी से मार्किंग की जा सकती है। सिलाई के बाद ये निशान धोने पर साफ भी हो जाते हैं और अलग से चॉक खरीदने की जरूरत भी नहीं पड़ती।
इस तरह छोटे-छोटे साबुन के टुकड़ों को फेंकने की बजाय दोबारा उपयोग में लाकर आप घर के कई काम आसान बना सकते हैं और बेकार जाने वाली चीजों का सही इस्तेमाल कर सकते हैं।
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