गुरुग्राम में ड्राइवर्स की हड़ताल, यात्रियों के लिए केवाईसी अनिवार्य करने की मांग

गुरुग्राम के सेक्टर 46 और 38 समेत कई इलाकों में कैब चालकों ने रविवार को एकजुट होकर अपनी चिंताओं को प्रशासन और जनता के सामने रखा। चालकों का कहना है कि जिस तरह उनका वेरिफिकेशन कड़ा होता है, उसी तरह कैब बुक करने वाले यात्रियों का केवाईसी (Know Your Customer) अनिवार्य होना चाहिए।
हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं और ड्राइवर्स पर हमलों ने इस विरोध प्रदर्शन को और तेज कर दिया है।
यात्रियों का केवाईसी अनिवार्य होने की मांग
चालकों का कहना है कि ऊबर और ओला जैसी एग्रीगेटर कंपनियां ड्राइवर्स का कड़ा वेरिफिकेशन करती हैं, लेकिन यात्रियों की पहचान सुनिश्चित नहीं की जाती। एक चालक ने कहा,
"हमें फर्जी और असत्यापित यात्रियों से सुरक्षा चाहिए। अगर यात्रियों का केवाईसी अनिवार्य होगा, तो अपराधों पर लगाम लगेगी।"
सुरक्षा फीचर्स और एसओएस बटन पर सवाल
कैब में यात्रियों और ड्राइवरों के लिए एसओएस बटन जैसी सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन चालकों का दावा है कि ये आपातकालीन स्थिति में समय पर मदद नहीं पहुंचाते, जिससे उन्हें असुरक्षा का अहसास होता है।
हालिया हिंसक घटनाओं का खौफ
चालकों ने जनवरी में हुई 25 वर्षीय सूरज सिंह की हत्या का जिक्र किया, जो अपनी ही गाड़ी में गला घोंटकर की गई थी। ऐसी घटनाओं ने ड्राइवर्स के बीच सुरक्षा की चिंता और भय को बढ़ा दिया है।
शिकायत निवारण प्रणाली का अभाव
विरोध कर रहे चालकों का आरोप है कि कई बार ग्राहक उनसे दुर्व्यवहार करते हैं, लेकिन शिकायत करने के लिए कोई ठोस सिस्टम नहीं है। इसलिए वे चाहते हैं कि एक ऐसी प्रणाली हो, जहां वे बिना डर के शिकायत दर्ज कर सकें और उसका उचित निवारण भी हो।
हड़ताल का आम जनता पर असर
23 मार्च को चालकों की हड़ताल के चलते गुरुग्राम में यात्रियों को भारी परेशानी हो सकती है। आमतौर पर एक मिनट में मिलने वाली कैब के लिए यात्रियों को अब 15 मिनट या उससे अधिक इंतजार करना पड़ सकता है। मेट्रो स्टेशनों और ऑफिस जाने वाले लोगों के लिए यह स्थिति एक बड़ी चुनौती बन गई है।
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