धूल भरी आंधी और बारिश ने बदला दिल्ली का मौसम, तापमान में आई गिरावट

दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली, जिससे भीषण गर्मी से लोगों को कुछ राहत मिली। दिन की शुरुआत तेज धूप के साथ हुई और तापमान काफी गर्म रहा, लेकिन दोपहर बाद मौसम का मिजाज बदल गया। करीब तीन बजे के आसपास तेज हवाएं चलने लगीं और कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। इससे जहां तापमान में गिरावट आई, वहीं धूल भरी आंधी ने लोगों की परेशानी भी बढ़ा दी।
शाम होते-होते मौसम और अधिक सक्रिय हो गया और कई स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की गई। बारिश के चलते दिल्ली और एनसीआर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई सड़कों पर घंटों लंबा जाम लगा रहा और वाहन रेंगते नजर आए।
मौसम विभाग ने पहले ही दिल्ली में बदलाव के संकेत देते हुए यलो अलर्ट जारी किया था। शुक्रवार को अधिकतम तापमान लगभग 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आंधी और बारिश के कारण तापमान में 6 से 8 डिग्री तक की गिरावट भी देखने को मिली। नमी का स्तर अधिकतम 72 प्रतिशत तक पहुंच गया।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बदलाव के पीछे मध्य और ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ प्रमुख कारण है। इसके साथ ही निचले स्तर पर बने ट्रफ सिस्टम ने भी मौसम को प्रभावित किया। इन परिस्थितियों के चलते कुछ इलाकों में 3 से 5 मिमी तक बारिश दर्ज की गई, जबकि तेज हवाएं खासकर पालम क्षेत्र में अधिक प्रभावी रहीं।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि राजस्थान और पाकिस्तान के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण धूल भरी हवाएं दिल्ली-एनसीआर तक पहुंचीं, जिससे दृश्यता कम हुई और वायु गुणवत्ता पर असर पड़ा।
आने वाले दिनों की बात करें तो 18 और 19 अप्रैल को आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है, जबकि 20 से 22 अप्रैल के बीच मौसम साफ रह सकता है। इस दौरान तापमान 39 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है और कुछ क्षेत्रों में लू चलने की भी आशंका जताई गई है।
वायु गुणवत्ता की स्थिति अभी भी खराब श्रेणी में बनी हुई है। शुक्रवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 263 दर्ज किया गया, जो गुरुवार की तुलना में बढ़ा है। एनसीआर में गाजियाबाद की स्थिति सबसे खराब रही, जहां AQI 346 दर्ज हुआ। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में भी हवा खराब श्रेणी में रही, जबकि फरीदाबाद में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर और मध्यम श्रेणी में दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, आने वाले दिनों में भी वायु गुणवत्ता में बड़े सुधार की संभावना कम है।
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