ईडी का दावा: मेहुल चोकसी का बेटा रोहन भी मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल

नई दिल्ली: पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े ऋण धोखाधड़ी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग जांच के आठ साल बाद पहली बार ईडी ने भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के बेटे रोहन चोकसी को भी जांच के दायरे में आने वाला बताया है। यह दावा एजेंसी ने दिल्ली स्थित अपीलीय न्यायाधिकरण फॉर फॉरफिटेड प्रॉपर्टी (ATFP) के समक्ष अपनी लिखित दलीलों में किया।
मामला मुंबई की वॉकश्वर रोड स्थित एक संपत्ति की कुर्की से जुड़ा है, जिसे रोहन चोकसी ने चुनौती दी थी। जवाब में ईडी ने कहा कि यह फ्लैट वर्ष 2013 में मेहुल चोकसी द्वारा जानबूझकर अपने बेटे के नाम किया गया था। एजेंसी का तर्क है कि यह कदम संभावित भविष्य की जांच और कुर्की से बचने की रणनीति का हिस्सा था, क्योंकि उस समय चोकसी के कारोबारी लेन-देन पर सवाल उठ रहे थे।
ईडी ने यह भी बताया कि रोहन चोकसी के पास लस्टर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड में 99.99 प्रतिशत शेयर हैं, जबकि मेहुल चोकसी कंपनी के निदेशक हैं। जांच में पता चला कि इस कंपनी के माध्यम से विदेशों में पैसे भेजे गए थे। उदाहरण के लिए, एशियन डायमंड एंड ज्वैलरी एफजेडई से सिंगापुर की मर्लिन लग्जरी ग्रुप प्राइवेट लिमिटेड को लगभग 1.27 लाख डॉलर (करीब 81.6 लाख रुपये) की रकम ट्रांसफर की गई थी। ईडी का दावा है कि इस कंपनी के जरिए ही अपराध की आय का लेन-देन किया गया।
एजेंसी ने न्यायाधिकरण को यह भी बताया कि चूंकि रोहन चोकसी के पास कंपनी में 99.99 प्रतिशत हिस्सेदारी है, इसलिए वह संपत्ति की कुर्की से बच नहीं सकते। ईडी के अनुसार रिकॉर्ड से साफ दिखता है कि रोहन ने अपने पिता के साथ मिलकर मनी लॉन्ड्रिंग में सक्रिय भूमिका निभाई। इसी आधार पर एजेंसी ने रोहन से जुड़ी संपत्तियों को जब्त करने की मांग की।
हालांकि, जांच में रोहन का नाम अभी तक किसी एफआईआर में नहीं आया है और न ही उन्हें किसी पीएमएलए मामले में आरोपी बनाया गया है।
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