महाराष्ट्र में बैंक से 36.4 करोड़ का सोना लूटकर भागे चार बदमाश गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- वारदात शनिवार दोपहर करीब 2:45 से 3:15 बजे के बीच हुई।
- चारों बदमाश हेलमेट पहनकर और चेहरे पर रुमाल बांधकर बैंक में घुसे थे।
- कैशियर ने चुपके से अलार्म बजाया तो बदमाशों ने कर्मचारियों से मारपीट की।
मुंबई। महाराष्ट्र के जलगांव जिले के भोकर गांव में शनिवार दोपहर एक राष्ट्रीयकृत बैंक में हुई बड़ी डकैती का कुछ ही घंटों में खुलासा हो गया। हथियारों से लैस चार बदमाशों ने बैंक कर्मचारियों के साथ मारपीट कर 12.3 लाख रुपये नकद और 36.4 करोड़ रुपये कीमत का 27 किलोग्राम गिरवी रखा सोना लूट लिया।
वारदात के बाद बदमाश मोटरसाइकिलों से फरार हो गए, लेकिन बैंक कर्मचारियों की सतर्कता, ग्रामीणों की मदद और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से उन्हें पकड़ लिया गया। करीब 17 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने लूटी गई पूरी नकदी और सोना भी बरामद कर लिया।
अलार्म बजते ही बदमाशों ने कर्मचारियों पर किया हमला
बैंक में डकैती की घटना शनिवार दोपहर करीब 2:45 से 3:15 बजे के बीच हुई। उस समय भोकर गांव स्थित बैंक शाखा में सामान्य कामकाज चल रहा था और कोई ग्राहक मौजूद नहीं था। इसी दौरान चेहरे पर रुमाल बांधे और सिर पर हेलमेट लगाए चार हथियारबंद बदमाश बैंक में घुस गए।
अंदर पहुंचते ही उन्होंने सुरक्षा गार्ड और क्लर्क पर हथियार तान दिए। इसी बीच कैशियर ने चुपके से अलार्म का बटन दबा दिया। इससे नाराज बदमाशों ने उस पर डंडों से हमला कर दिया।
इसके बाद चारों लुटेरों ने बैंक के चार कर्मचारियों को एडहेसिव टेप से बांधकर जमीन पर बैठा दिया। चाबियां देने में कर्मचारियों की आनाकानी पर बदमाशों ने उनके साथ मारपीट की। इस दौरान सुरक्षा गार्ड पर गोली भी चलाई गई, लेकिन वह बाल-बाल बच गया।
बदमाशों ने कर्मचारियों से स्ट्रांग रूम खुलवाया और काउंटर व वॉल्ट से नकदी निकाल ली। इसके बाद तिजोरी में रखा 27 किलो सोना बैगों में भर लिया। बैंक से निकलने से पहले उन्होंने कर्मचारियों के हाथ-पैर और मुंह पर टेप लगाकर उन्हें वॉशरूम में बंद कर दिया।
बंधन से छूटे कर्मचारियों ने ग्रामीणों को किया अलर्ट
बदमाशों के फरार होने के बाद बैंक के दो कर्मचारी किसी तरह अपने बंधन खोलने में कामयाब रहे। वे तुरंत बाहर निकले और देखा कि चारों आरोपी अलग-अलग मोटरसाइकिलों से भाग रहे हैं। कर्मचारियों ने शोर मचाकर ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी और खुद भी बदमाशों का पीछा शुरू कर दिया।
कुछ ही देर में पूरे भोकर गांव में डकैती की खबर फैल गई। दर्जनों ग्रामीण मोटरसाइकिलों से लुटेरों के पीछे निकल पड़े। स्थानीय पुलिस पाटिल और ग्रामीणों ने आसपास के गांवों में फोन करके लोगों को सतर्क किया और संभावित रास्तों पर घेराबंदी शुरू कर दी।
जलगांव तालुका पुलिस स्टेशन घटनास्थल से करीब 30 किलोमीटर दूर था। हालांकि, पुलिस पाटिल के संपर्क नेटवर्क और ग्रामीणों की सक्रियता से बदमाशों के भागने के रास्तों पर नजर रखी जा सकी।
दिक्सई गांव में दो आरोपी पकड़े गए, बाकी की भी गिरफ्तारी
ग्रामीणों और पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब 17 किलोमीटर तक बदमाशों का पीछा किया। इस दौरान दिक्सई गांव के पास दो आरोपियों को ग्रामीणों ने घेर लिया। इसी समय पुलिस टीम भी वहां पहुंच गई और दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान मध्य प्रदेश के बुरहानपुर निवासी 25 वर्षीय अंकुश तुलसीराम पवार और जलगांव निवासी 30 वर्षीय अंकुश श्रावण चव्हाण के रूप में हुई।
प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने अपने बाकी दो साथियों के भागने की दिशा बताई। इसके बाद धरनगांव के पुलिस इंस्पेक्टर रमाकांत गायकवाड़ ने आगे के रास्ते पर नाकाबंदी कराई। इस कार्रवाई में नासिक निवासी 32 वर्षीय गजानन पवार और शंकर जसक को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
बर्खास्त पुलिस सब-इंस्पेक्टर भी आरोपियों में शामिल
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी आदतन अपराधी हैं। इनमें शंकर जसक रायगढ़ जिला पुलिस का बर्खास्त पुलिस सब-इंस्पेक्टर है। उसे कुछ महीने पहले ही जलगांव जिले में बैंक डकैती के एक पुराने मामले में जमानत मिली थी।
वहीं, गजानन पवार के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज है। अंकुश पवार पर मुक्ताईनगर और जामनेर में लूट के मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटे गए 12.3 लाख रुपये नकद और 27 किलोग्राम सोने को पूरी तरह सुरक्षित बरामद कर लिया है।
पूरे अभियान की निगरानी करने वाले पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे ने ग्रामीणों और स्थानीय पुलिस पाटिल की तत्परता तथा साहस की सराहना की। उन्होंने इस कार्रवाई में सहयोग करने वालों को सम्मानित भी किया।
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