ठाणे के येऊर में हैलोवीन पार्टी पर पुलिस का छापा, 70 से ज्यादा युवक-युवतियां मिले

HIGHLIGHTS
- पार्टी में एंट्री के लिए प्रति व्यक्ति 1,500 रुपये वसूले गए थे।
- पुलिस ने मौके से शराब की बोतलें और अन्य सामग्री जब्त की।
- सभी मौजूद लोगों की मेडिकल जांच कराई जा रही है।
मुंबई। महाराष्ट्र के ठाणे में वर्तक नगर पुलिस स्टेशन की टीम ने 31 अक्टूबर की देर रात येऊर स्थित एक बंगले में चल रही हैलोवीन पार्टी पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से शराब की बोतलें और अन्य सामग्री जब्त की।
मामले में प्रतिबंधित ई-सिगरेट के इस्तेमाल, नाबालिगों की मौजूदगी और वन विभाग के कर्मचारियों को कथित तौर पर रिश्वत दिए जाने के आरोपों की जांच की जा रही है।
पार्टी में 70 से ज्यादा युवक-युवतियां शामिल
पार्टी आश्रम रोड के लायन पार्क इलाके में सुरेश गडा नामक व्यक्ति के बंगले पर आयोजित की गई थी। जानकारी के मुताबिक, इसमें 70 से अधिक युवक-युवतियां शामिल हुए थे। आयोजकों ने प्रति व्यक्ति 1,500 रुपये प्रवेश शुल्क लिया था।
गुप्त सूचना मिलने के बाद पुलिस ने देर रात अचानक छापा मारा। पुलिस के अनुसार, पार्टी में शराब पीने के साथ भारत में प्रतिबंधित ई-सिगरेट का इस्तेमाल भी किया जा रहा था। जांच अधिकारियों को संदेह है कि पार्टी में कुछ नाबालिग भी शामिल थे। इस वजह से मौके पर मौजूद सभी लोगों की मेडिकल जांच कराई जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या नाबालिगों ने भी नशीले पदार्थों का सेवन किया था। बंगले के मालिक और पार्टी आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
वन विभाग के कर्मचारियों को रिश्वत देने का आरोप
मामले में आरोप है कि नियमों का उल्लंघन कर गाड़ियों को येऊर इलाके में प्रवेश दिलाने के लिए एक आयोजक ने चेक पोस्ट पर वन विभाग के कर्मचारियों को 6,000 रुपये की रिश्वत दी थी।
यह आरोप अभी साबित नहीं हुआ है। पुलिस और वन विभाग इसकी जांच कर रहे हैं। इस संबंध में बंगले के मालिक, आयोजकों या संबंधित वन कर्मचारियों का आधिकारिक पक्ष अब तक सामने नहीं आया है।
छापे के बाद येऊर के वन और रिहायशी इलाके में देर रात होने वाली कथित गैर-कानूनी गतिविधियों को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं। इससे पहले भी स्थानीय लोगों ने इलाके में देर रात तक चलने वाले डीजे, पार्टियों और हुक्का पार्लरों का विरोध किया है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अशोक दुधे ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि पार्टी में नाबालिग मौजूद थे या नहीं, ई-सिगरेट का इस्तेमाल किस हद तक हुआ और क्या वन विभाग के कर्मचारियों ने गाड़ियों को अंदर जाने देने के लिए पैसे लिए थे।
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