हनुमानगढ़ में इथेनॉल प्लांट पर बवाल: किसानों की पुलिस से हिंसक झड़प, 16 गाड़ियाँ फूंकी

हनुमानगढ़ जिले के राठीखेड़ा गांव में बुधवार शाम अनाज आधारित इथेनॉल फैक्टरी के विरोध ने उग्र रूप ले लिया। निर्माणाधीन ड्यून इथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड के प्लांट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों और पुलिस के बीच जोरदार झड़प हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि आंदोलनकारियों ने फैक्टरी की चारदीवारी ढहा दी और पुलिस-प्रशासन की कम से कम 16 सरकारी गाड़ियों को नुकसान पहुंचाकर आग के हवाले कर दिया।
पुलिस ने हालात काबू करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसी दौरान मौके पर मौजूद कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई पुलिसकर्मी और अधिकारी भी चोटिल हुए हैं।
विवाद की जड़ क्या है?
चंडीगढ़ स्थित ड्यून इथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड राठीखेड़ा में 40 मेगावाट का अनाज आधारित इथेनॉल प्लांट स्थापित कर रही है। कंपनी का कहना है कि यह यूनिट केंद्र सरकार के इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम को मजबूती देगी।
लेकिन स्थानीय किसानों का आरोप है कि 2022 में कंपनी द्वारा दायर पर्यावरण मंजूरी (EC) का आवेदन अब तक स्वीकृत नहीं हुआ है, इसके बावजूद निर्माण कार्य लगातार जारी है। इसी मुद्दे को लेकर किसान लंबे समय से विरोध कर रहे थे।
बुधवार दोपहर टिब्बी एसडीएम ऑफिस के बाहर किसानों की बड़ी सभा हुई। शाम करीब चार बजे सैकड़ों किसान ट्रैक्टरों के साथ प्लांट की ओर बढ़े और कुछ ही देर में फैक्टरी की सीमा दीवार को गिरा दिया, जिसके बाद पुलिस के साथ झड़प शुरू हो गई।
कांग्रेस ने किया राठीखेड़ा कूच का ऐलान
घटना के बाद श्रीगंगानगर जिला कांग्रेस अध्यक्ष और करणपुर विधायक रुपिंदर सिंह कुन्नर ने कहा कि किसानों के अधिकारों की लड़ाई हर स्तर पर लड़ी जाएगी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में राठीखेड़ा पहुंचने की अपील की है।
क्षेत्र में इंटरनेट बंद, धारा 144 लागू
तनाव को देखते हुए प्रशासन ने टिब्बी और आसपास के गांवों में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी हैं। इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है और सभी शिक्षण संस्थान व बाजार बंद हैं। पुलिस बल की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं।
किसान संगठनों का कहना है कि जब तक परियोजना को पर्यावरण स्वीकृति नहीं मिलती और स्थानीय लोगों की सहमति नहीं ली जाती, वे निर्माण नहीं होने देंगे। वहीं कंपनी प्रबंधन—जतिंदर अरोड़ा और रॉबिन जिंदल—की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।
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