चक्रवात मुरासु का कहर: आंध्र प्रदेश में स्कूल-कॉलेज बंद, कई उड़ानें रद्द

HIGHLIGHTS
- विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और तिरुपति से 19 घरेलू उड़ानें रद की गईं।
- तमिलनाडु ने आंध्र प्रदेश की मदद के लिए 90 NDRF कर्मियों और 500 बिजली कर्मचारियों को भेजा।
- कर्नाटक ने बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए 500 कर्मचारी भेजने की घोषणा की।
नई दिल्ली। भीषण चक्रवाती तूफान 'मुरासु' मंगलवार तड़के दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। इसके नेल्लोर और नरसापुर के बीच पहुंचने की संभावना है। तूफान के प्रभाव से भारी बारिश के साथ 120 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। चक्रवात को देखते हुए कई तटीय राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है। उड़ानों को रद किया गया है और प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियां की जा रही हैं।
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात मुरासु उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके सोमवार रात 11:30 बजे से मंगलवार सुबह 4 बजे के बीच ओंगोल के आसपास तट से टकराने का अनुमान है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 100 से 110 किमी प्रति घंटा रह सकती है। वहीं, हवा के झोंकों की गति 120 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।
चक्रवात 'मुरासु' से जुड़े प्रमुख अपडेट
आंध्र प्रदेश में 19 उड़ानें रद
चक्रवात के आंध्र प्रदेश के तट के नजदीक पहुंचने के चलते विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और तिरुपति हवाई अड्डों से संचालित होने वाली 19 घरेलू उड़ानें रद कर दी गई हैं। विजयवाड़ा एयरपोर्ट के निदेशक एम. लक्ष्मी कांता रेड्डी के अनुसार, इंडिगो ने 10 और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने 2 उड़ानें रद की हैं। इसके अलावा विशाखापत्तनम एयरपोर्ट पर 4 और तिरुपति एयरपोर्ट पर 3 उड़ानें रद की गई हैं।
चेन्नई एयरपोर्ट प्रशासन ने भी कुछ उड़ानों को रद किया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी उड़ानों की ताजा स्थिति जानने के लिए संबंधित एयरलाइंस से संपर्क करें।
आंध्र प्रदेश में प्रशासन अलर्ट पर
चक्रवात के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और रॉयलसीमा क्षेत्र में मध्यम से भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
राज्य के ऊर्जा विभाग ने भी बिजली कंपनियों को हाई अलर्ट पर रखा है। अधिकारियों को बिजली के बुनियादी ढांचे को संभावित नुकसान से बचाने के लिए जरूरी एहतियाती कदम उठाने और बिजली आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आंध्र प्रदेश की मदद के लिए तमिलनाडु ने भी अपनी टीमें भेजी हैं। राज्य की ओर से नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की 3 टीमें भेजी गई हैं, जिनमें 90 कर्मी शामिल हैं। इसके अलावा बिजली विभाग की 25 टीमें भी रवाना की गई हैं। इन टीमों में 500 कर्मचारी और जरूरी उपकरण शामिल हैं।
वहीं, कर्नाटक ने भी बिजली व्यवस्था को दोबारा सुचारु करने में सहयोग के लिए 500 कुशल बिजली कर्मचारियों और आवश्यक उपकरणों को भेजने की घोषणा की है।
चेन्नई में तेज बारिश, स्कूलों में छुट्टी
चक्रवात के असर से चेन्नई, चेंगलपट्टू और तिरुवल्लुर जिलों के कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई है। यहां रविवार रात से लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने चेन्नई और तिरुवल्लुर में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, रानीपेट, वेल्लोर और नीलगिरी में भी भारी बारिश होने का अनुमान है।
बारिश की आशंका और प्रशासनिक तैयारियों के मद्देनजर सोमवार को चेन्नई के स्कूल बंद रखे गए। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात के पूरी तरह तट पार करने के बाद ही बारिश की तीव्रता में कमी आने की उम्मीद है।
ओडिशा में सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जा रहे लोग, 300 से अधिक बचाव टीमें तैयार
चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए ओडिशा में संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान तेज कर दिया गया है। राज्य के दक्षिणी जिलों गंजाम, गजपति, रायगडा, कोरापुट और मलकानगिरी में भारी बारिश होने की आशंका है।
आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि सभी संबंधित जिलों के कलेक्टरों को सतर्क कर दिया गया है। इसके साथ ही NDRF, ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स और फायर सर्विस की 300 से अधिक बचाव टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है।
चक्रवात के खतरे को देखते हुए दक्षिणी ओडिशा के कुछ जिलों में स्कूल और कॉलेज 3 नवंबर तक बंद कर दिए गए हैं। इस बीच मौसम के बिगड़ते हालात ने भूस्खलन में लापता हुए 10 लोगों की तलाश के अभियान को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.