जींद में हाइड्रोजन ट्रेन ट्रायल तेज, प्लांट की तकनीकी जांच जारी

जींद। हाइड्रोजन ट्रेन के ट्रायल से पहले जींद स्थित हाइड्रोजन प्लांट में तकनीकी परीक्षण तेज कर दिए गए हैं। पिछले एक महीने से लगातार चल रही टेस्टिंग के दौरान गैस में नमी की समस्या सामने आई थी, जिसे दूर करने के लिए अब इंदौर से एक विशेषज्ञ मैकेनिक को बुलाया गया है। वह प्लांट में लगे इलेक्ट्रोफायर सिस्टम की जांच करेगा, ताकि हाइड्रोजन उत्पादन की गुणवत्ता और स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।
जनवरी में कड़ाके की ठंड के चलते गैस में नमी बढ़ गई थी, जिससे प्लांट से तैयार हाइड्रोजन का उपयोग अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। इस बीच बाहर से हाइड्रोजन गैस मंगवाकर इंजन में भरी गई और ट्रेन इंजन को भंभेवा स्टेशन तक ले जाया गया। वहां इंजन की आवाज, ईंधन खपत, लोड क्षमता, ब्रेक सिस्टम और तकनीकी कार्यक्षमता समेत विभिन्न पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
इंजन को गुरुवार को भंभेवा स्टेशन पहुंचाया गया था और इसे शनिवार को वापस जींद लाने की योजना थी, लेकिन देर शाम तक भी यह वहीं मौजूद रहा। सभी तकनीकी परीक्षण पूरे होने के बाद ही इंजन को प्लांट में वापस लाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि एक जनवरी को हाइड्रोजन ट्रेन को दिल्ली से जींद लाया गया था, जिसके बाद से प्लांट में लगातार ट्रायल और परीक्षण चल रहे हैं।
कुछ दिन पहले रेलवे के प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता (PCME) डिंपी गर्ग ने अपनी टीम के साथ प्लांट का निरीक्षण किया था। उन्होंने पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए टीडीएस मीटर लगाने और प्रतिदिन उसके आंकड़े बोर्ड पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्लांट कर्मियों ने तीन टीडीएस मीटर लगाकर नियमित जांच शुरू कर दी है।
प्लांट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, यहां तैयार की गई हाइड्रोजन गैस के नमूने गुरुग्राम समेत विभिन्न प्रयोगशालाओं में भेजे गए हैं। कुछ रिपोर्ट मिल चुकी हैं, जबकि बाकी का इंतजार किया जा रहा है। इन रिपोर्टों के आधार पर आगे की तकनीकी प्रक्रिया और ट्रायल को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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