राणा अय्यूब के ट्वीट मामले में अदालत ने सभी पक्षों से 10 अप्रैल तक जवाब मांगा

नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्रकार राणा अय्यूब द्वारा किए गए कथित अपमानजनक ट्वीट के मामले में कार्रवाई का निर्देश दिया है। न्यायालय ने ट्विटर (पूर्व में एक्स), केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से कहा है कि वे इस संबंध में आवश्यक कदम उठाएँ। ट्वीट में हिंदू देवी-देवताओं और वीर सावरकर के खिलाफ कथित अपमानजनक सामग्री होने का आरोप है।
हाईकोर्ट ने इन पोस्ट को अपमानजनक, भड़काऊ और सांप्रदायिक करार दिया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि इस प्रकार के ट्वीट समाज में वैमनस्य और तनाव फैलाने का कारण बन सकते हैं। यह मामला लंबे समय से लंबित था और इसे गंभीरता से देखने की आवश्यकता थी।
याचिकाकर्ता ने अदालत से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी। कोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों से शुक्रवार, 10 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमाएँ होती हैं और किसी को भी धार्मिक भावनाओं को आहत करने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने चेतावनी दी कि ऐसे कृत्यों से सामाजिक सौहार्द और शांति प्रभावित हो सकती है।
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