दिल्ली में INDIA गठबंधन की महारैली, तेजस्वी और पायलट समेत कई नेताओं ने सरकार को घेरा

HIGHLIGHTS
- रामलीला मैदान में रविवार को INDIA गठबंधन की महारैली आयोजित हुई।
- दोपहर 12 बजे तक मैदान लगभग आधा भरा हुआ था।
- तेजस्वी यादव ने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए विपक्षी एकजुटता की बात कही।
नई दिल्ली। दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को INDIA गठबंधन ने 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली आयोजित की। मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) में कथित अनियमितताओं और लोकतंत्र व संविधान की रक्षा के मुद्दे पर हुई इस रैली में गठबंधन के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। इस दौरान नेताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
रामलीला मैदान में कैसा रहा माहौल?
महारैली में शामिल होने के लिए दूसरे राज्यों से भी कार्यकर्ताओं का दिल्ली पहुंचना शुरू हो गया। मैदान में 40 से 50 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। प्रदर्शन स्थल पर बसों और निजी वाहनों से लोगों के पहुंचने के कारण आसपास की सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ।
दोपहर 12 बजे तक रामलीला मैदान करीब आधा भर चुका था। कांग्रेस की ओर से 10 लाख लोगों के जुटने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन फिलहाल मैदान में इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के संकेत नहीं दिख रहे थे। ऐसे में आयोजकों के सामने मैदान को भरने की चुनौती बनी हुई थी। मैदान में कुछ स्थानों पर पानी जमा होने के कारण कार्यकर्ताओं को बैठने में परेशानी हुई, जबकि कई कुर्सियां खाली नजर आईं।
तेजस्वी यादव बोले- लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट हुए दल
आरजेडी नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि INDIA गठबंधन को आम लोगों का पूरा समर्थन मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटों की चोरी और लोकतंत्र को कुचलने के खिलाफ सभी विपक्षी दल एक मंच पर आए हैं।
तेजस्वी यादव ने कहा, 'हम सब देश को बचाने, अपने लोकतंत्र की रक्षा करने और अपने देश के संविधान को सुरक्षित रखने के लिए एकजुट हुए हैं।'
सलमान खुर्शीद ने मतदाता सूची से नाम हटाने पर उठाए सवाल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने मतदाता सूची से नागरिकों के नाम हटाए जाने को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, 'हम नहीं चाहते कि एक भी भारतीय पीछे छूट जाए। हमारी शिकायत यह है कि साथी नागरिकों के नाम क्यों हटाए गए?'
उन्होंने कहा कि देश का प्रधानमंत्री किसे बनाया जाएगा, इसका फैसला भारत की जनता करती है। उनके मुताबिक, रैली में जुटी भीड़ से यह स्पष्ट होता है कि जनता देश के लिए क्या चाहती है।
सचिन पायलट का आरोप- दबाव बनाकर आवाज दबाना चाहती है सरकार
कांग्रेस नेता और पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'सरकार दबाव के जरिए लोगों को चुप कराना चाहती है और उन्हें अपनी राय व्यक्त करने से रोकना चाहती है, लेकिन न तो राहुल गांधी और न ही हमारे कार्यकर्ता पीछे हटने वाले हैं।'
सचिन पायलट ने दावा किया कि रैली में देशभर से लाखों लोग शामिल हुए हैं।
भूपिंदर सिंह हुड्डा ने की ज्ञानेश्वर कुमार को हटाने की मांग
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने इस रैली को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के आह्वान पर पूरा INDIA गठबंधन एकजुट होकर खड़ा है। हुड्डा ने ज्ञानेश्वर कुमार के इस्तीफे या उन्हें पद से हटाए जाने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि गठबंधन के सभी प्रमुख नेता इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हैं।
सुप्रिया सुले बोलीं- पूरी ताकत से एकजुट है गठबंधन
एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन इस लड़ाई में पूरी ताकत के साथ एकजुट है और जनता के अधिकारों के लिए मिलकर संघर्ष करेगा।
इकरा हसन ने संस्थाओं पर जनता के भरोसे का मुद्दा उठाया
समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने कहा कि जब स्वतंत्र और निष्पक्ष संस्थाओं को सुनियोजित तरीके से खत्म किया जाता है, तो लोगों के पास सड़कों पर उतरने के अलावा दूसरा रास्ता नहीं बचता।
उन्होंने कहा, 'आज हम सत्ता में बैठे लोगों को दिखाएंगे कि यह मुद्दा केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के नागरिकों के मौलिक अधिकारों से जुड़ा है।'
रैली को लेकर दिल्ली पुलिस ने किए सुरक्षा और ट्रैफिक इंतजाम
महारैली के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए। अतिरिक्त सीपी ट्रैफिक विजयंता गोयल आर्य के मुताबिक, रामलीला मैदान के आसपास भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। हालांकि, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और अस्पतालों की तरफ जाने वाले आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ते खुले रखे गए हैं, ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो।
सुरक्षा के लिए कार्यक्रम स्थल को 14 जोन में बांटा गया
रैली में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की। भीड़ पर नजर रखने के लिए 4,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई और 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। अधिकारियों ने बताया कि पूरे कार्यक्रम स्थल को 14 जोन में विभाजित किया गया है।
हर जोन की निगरानी के लिए अलग-अलग अधिकारी तैनात
प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) रैंक के अधिकारियों को दी गई है, जबकि दो जोन की निगरानी अतिरिक्त उप पुलिस आयुक्त (डीसीपी) रैंक के अधिकारी करेंगे।
शनिवार को पुलिस आयुक्त ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिंटो ब्रिज और रामलीला मैदान पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था। सुरक्षा योजना में ड्रोन से निगरानी, बॉडी-वर्न कैमरे, दंगा-रोधी वाहन और एक विशेष कंट्रोल रूम भी शामिल हैं।
पुलिस को 50 हजार लोगों के पहुंचने का अनुमान
मिंटो ब्रिज से कार्यक्रम स्थल तक के रास्ते और रामलीला मैदान के भीतर अलग-अलग जिलों के पुलिसकर्मियों के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के जवानों की भी तैनाती की जाएगी। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होने वाली इस रैली में करीब 50 हजार लोगों के पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।
मैदान में 40 से 50 हजार लोगों के बैठने की क्षमता
पुलिस और आयोजकों के अनुमान के मुताबिक, मैदान में घेरों और रास्तों की व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 40 से 50 हजार लोगों के बैठने की पर्याप्त जगह है। यातायात व्यवस्था संभालने के लिए करीब 150 अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी लगाए जाएंगे।
इसके अलावा, एलएनजेपी और जीबी पंत अस्पतालों तक एंबुलेंस की आवाजाही बिना रुकावट जारी रखने की व्यवस्था की जाएगी। दिल्ली में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 270 कंपनियों की तैनाती की अवधि बढ़ाकर 16 नवंबर तक कर दी गई है।
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