स्वास्थ्य से शिपबिल्डिंग तक...भारत-रूस साझेदारी मजबूत, कई रणनीतिक क्षेत्रों में समझौतों पर मुहर

नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे के दूसरे दिन मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी व्यापक स्तर पर बातचीत हुई। मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी किया, जिसमें स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, बंदरगाह और शिपिंग सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई गई। बैठक से पहले भी दोनों देशों के बीच इन क्षेत्रों से जुड़े कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
संयुक्त बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पुतिन की भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है जब दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध कई ऐतिहासिक पड़ाव पार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत-रूस की दोस्ती पिछले आठ दशकों से मजबूत आधार पर खड़ी है और यह रिश्ता पारस्परिक सम्मान और भरोसे पर आधारित है।
मोदी ने बताया कि चर्चा के दौरान साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए सभी अहम क्षेत्रों की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाई देने के कार्यक्रम पर भी सहमति बनी है।
प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यूक्रेन विवाद पर भारत शुरू से ही शांति और संवाद का पक्षधर रहा है। वैश्विक सप्लाई चेन को सुरक्षित और स्थिर रखने के लिए जरूरी खनिज संसाधनों में रूस के साथ सहयोग को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया। इसके साथ ही, यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को जल्द पूरा करने की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है।
संयुक्त प्रेस वार्ता में राष्ट्रपति पुतिन ने भारत की मेहमाननवाजी की सराहना की और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री मोदी तथा भारतीय प्रतिनिधियों का आभार जताया। उन्होंने पीएम मोदी द्वारा आयोजित रात्रिभोज के लिए भी विशेष धन्यवाद दिया।
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