इंडिगो में उथल-पुथल जारी, परिचालन ठप और यात्रियों की परेशानी बढ़ी; 160 उड़ानें रद्द

इंडिगो एयरलाइन का परिचालन संकट अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। बीते एक सप्ताह से जारी अव्यवस्था के बीच शुक्रवार को भी दिल्ली और बेंगलुरु हवाई अड्डों से करीब 160 उड़ानें रद्द हुईं। हालांकि एयरलाइन का दावा है कि 9 दिसंबर से संचालन स्थिर हो चुका है और 12 दिसंबर को 2050 से अधिक उड़ानें सुचारू रूप से संचालित होने की उम्मीद है। कंपनी के अनुसार सभी 138 गंतव्य पुनः नेटवर्क से जुड़ चुके हैं और समय पर उड़ान संचालन फिर से सामान्य स्तर पर लौट रहा है।
डीजीसीए की कड़ी कार्रवाई
लगातार उड़ानें रद्द होने और परिचालन लापरवाही के आरोपों के बीच नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने सख्त रुख अपनाते हुए चार फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टरों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। इंडिगो, जो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है, के इस संकट ने हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाओं में व्यवधान पैदा किया है।
उड़ान रद्द होने का सिलसिला जारी
सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली से 105 उड़ानें रद्द हुईं—जिसमें 52 प्रस्थान और 53 आगमन वाली उड़ानें शामिल थीं। बेंगलुरु एयरपोर्ट पर भी 54 उड़ानें रद्द की गईं, जिनमें 31 आगमन और 23 प्रस्थान शामिल थे। इससे पहले गुरुवार को दोनों शहरों से 200 से अधिक उड़ानें रद्द की गई थीं।
एयरलाइन की अंदरूनी अव्यवस्था का मुख्य कारण रोस्टरिंग सिस्टम की गड़बड़ी और पायलटों की कमी बताई जा रही है, जो 1 नवंबर से लागू हुए नए ड्यूटी और विश्राम नियमों के चलते और बढ़ गई।
लगातार दूसरे दिन शीर्ष प्रबंधन से जवाब-तलब
उधर, DGCA की चार सदस्यीय जांच समिति ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। शुक्रवार को इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स और सीओओ इसिड्रे पोरक्वेरास को लगातार दूसरे दिन पैनल के सामने पेश होकर स्पष्टीकरण देना पड़ा। यह पैनल संयुक्त महानिदेशक संजय ब्रह्मने, उप महानिदेशक अमित गुप्ता, वरिष्ठ फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर कपिल मांगलिक और एफओआई लोकेश रामपाल से मिलकर बना है।
जांच समिति का फोकस एयरलाइन में परिचालन बाधाओं के असल कारणों की पहचान पर है। इसमें स्टाफिंग और मैनपावर प्लानिंग की समीक्षा, अस्थिर रोस्टरिंग सिस्टम का विश्लेषण और नए ड्यूटी पीरियड व रेस्ट नॉर्म्स के लिए एयरलाइन की तैयारी की जांच शामिल है।
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